फर्जी गन लाइसेंस जारी करने के मामले में मंगलवार को देशव्यापी कार्रवाई के तहत सीबीआई की टीम ने जम्मू के गंग्याल, सतवारी और रेलवे स्टेशन के बाहर मंगल मार्केट, उधमुर के सैला तालाब इलाके में स्थित लेजर गन हाउस और श्रीनगर के दो ठिकाने पर छापेमारी की।
जम्मू में एक दर्जन से अधिक गन फैक्ट्रियों और दुकानों में कार्रवाई हुई। इस दौरान सीबीआई टीमें कई घंटे तक टीम रिकार्ड को खंगालती रही। बड़ी संख्या में दस्तावेज टीम अपने साथ ले गई है। इसके बारे में टीम ने स्थानीय पुलिस को भी सूचित नहीं किया था।
जानकारी अनुसार, उधमपुर में सुबह करीब 9.50 पर टीम सीबीआई, एसीबी चंडीगढ़ के डीएसपी आरसी खत्री के नेतृत्व में लेजर गन हाउस पर पहुंची। उस समय गन हाउस बंद था।
टीम गन हाउस के मालिक फारूक अहमद के घर पहुंची और सबसे पहले सीबीआई के स्पेशल जज की तरफ से जारी किया गया सर्च वारंट दिखाया। सर्च वारंट दिखाने के बाद टीम ने अपना काम शुरू कर दिया।
डीएसपी ने अपनी टीम के साथ सबसे पहले 180 पेज के रजिस्टर की जांच की। इसके बाद बिल बुक के रिकार्ड की अच्छी तरह से जांच की। इसके साथ 11 जुलाई 2012 से पांच मई 2014 तक बेचे गए हथियारों के बिल बुक की जांच की।
इसके साथ ही दस अप्रैल 2007 से 19 मई 2014 बेचे गए हथियारों के स्टेटमेंट की जांच की। सीबीआई की टीम को भी रिकार्ड अपने मतलब का नजर आया, उसकी फोटो स्टेट काफी अपने साथ ले गई।
दोपहर करीब तीन बजे तक डीएसपी सहित चार सदस्यों की टीम गन हाउस में रिकार्ड की जांच करती रही। इसके बारे में स्थानीय पुलिस के पास किसी प्रकार की जानकारी नहीं थी। रिकार्ड की जांच करने आई टीम ने इसके बारे में पुलिस को किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी थी।
श्रीनगर में दर्ज मामले में सीबीआई ने रिकार्ड जांचा
सूत्रों से मिली प्राथमिक जानकारी अनुसार सीबीआई टीम ने श्रीनगर में दर्ज फर्जी गन लाइसेंस के मामने में छापा मार कार्रवाई की है। इस मामले में कई गन हाउस के नाम सामने आए हैं और कई सरकारी अधिकारियों पर भी नकेल सकी गई है। जज ने सर्ज वारंट अंडर सेक्शन 96 सीआरपीसी के तहत जारी किया था।