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जम्मू-कश्मीर: पुलिस को भी निशाना बनाने लगे पशु तस्कर, वाहनों की जांच में लापरवाही

Sat, 03 Apr 2021 03:25 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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पशु तस्कर अब पुलिस को भी निशाना बनाने लगे हैं। पिछले दो महीनें पर नजर दौड़ाई जाए तो तीन बार पशु तस्करों ने पुलिस कर्मियों और अफसरों पर हमला बोला है। इसके पीछे एक बड़ा कारण पुलिस नाकों पर पशु तस्करी की जांच में लापरवाही भी माना जा सकता है। वरना एक नाके पर पकड़े जाने से पहले पशु तस्कर कई नाकों को क्रास करके दूसरे नाके तक न पहुंच पाएं। हालांकि पुलिस का कहना है कि हर नाके पर पशु तस्करी की जांच करना संभव नहीं। 

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जानकारी के अनुसार बिश्नाह में एसएचओ पर पशु तस्करों ने हमला किया था। इसके बाद सतवारी क्षेत्र में पुलिस कर्मी को पशु तस्कर ने टक्कर मारी। अब ताजा मामला कठुआ जिले का है। यहां पर पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर पर तस्करों ने हमला बोल उन्हें घायल कर दिया। 

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उल्लेखनीय है कि रामबन तक पकड़े जाने वाले तस्कर जम्मू से होकर जाते हैं। जम्मू के अलग अलग क्षेत्रों से कश्मीर तक पशु तस्करी के प्रयास किए जाते हैं। अधिकतर तस्कर नगरोटा, झज्जर कोटली और उधमपुर जिला पुलिस के अधीन आने वाले हाइवे नाकों पर पकड़े जाते हैं। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि हाइवे तक पहुंचने वाले पशु तस्कर कई नाकों को क्रास करके पहुंचते हैं। यहां पर इनकी जांच में लापरवाही हो रही है। 
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हर नाके पर जांच संभव नहीं
अधिक नाकों का मकसद ही यहीं होता है कि अगर कोई अपराध करके भागता है तो उसके एक नहीं तो दूसरे या फिर इसके आगे के नाके पर पकड़ लिया जाए। चाहे फिर वो कोई आतंकी हो, पशु तस्कर हो या कोई अन्य अपराधी। हर एक नाके पर एक एक वाहन की जांच संभव नहीं है। हर नाके पर अलग अलग पहलु को लेकर वाहनों की जांच होती है। -मुकेश सिंह, आईजी, जम्मू

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