जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में लंबे समय से भूस्खलन होता आ रहा है। दिन प्रतिदिन भूस्खलन के ज्यादा मामले आ रहे हैं। इससे प्रदेश के कई क्षेत्रों में लोगों को नुकसान भी पहुंचा है। लेकिन अभी तक इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। भूविज्ञान विभाग के जानकार का मानना है कि पहाड़ों पर अवैज्ञानिक कटान से भूस्खलन के मामले बढ़े हैं।
भूस्खलन की शिकायत ज्यादातर उधमपुर से लेकर रामबन बनिहाल, बटोत से लेकर डोडा, किश्तवाड़, पाडर और डोडा से लेकर भद्रवाह राष्ट्रीय राजमार्ग पर रहती है। इसकी वजह से क ई-कई दिनों तक यातायात बाधित रहता है। जम्मू विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. जीएम भट्ट ने कहा कि हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग उधमपुर में भूस्खलन हुआ है। इससे पहले रामबन रामसू में हुआ था। इसके अलावा छोटे-छोटे भूस्खलन होते रहते हैं। भूस्खलन का विशेष कारण पहाड़ों का अनियमित कटान है। विशेषज्ञ भट्ट ने कहा सर्वे के बिना रोड पर मशीनें लगाई जाती हैं। इससे ही इसके नतीजे गलत आ रहे हैं। भारी हिमपात होने से दूरदराज इलाकों में चट्टानें खिसकने लगती हैं, लेकिन उसका कोई प्रभाव इस राजमार्ग पर नहीं है। अब पुंछ राजोरी राजमार्ग भी फोरलेन बन रहा है। उसमें भी भूस्खलन होने की आशंका है।