जम्मू। माइग्रेंट रिलीफ निकालने के फ्राड मामले में कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया। क्राइम ब्रांच आरोपियों के खिलाफ केस साबित नहीं कर पाया। वीरवार को द्वितीय सेशन जज जम्मू विरेंद्र सिंह भाऊ ने मामले पर सुनवाई की। इसके बाद इंद्रजीत सिंह, हुसैन बख्श, चमन लाल शर्मा, माजिद हुसैन और बुआ दित्ता चौधरी को आरोपों से बरी किया।
सुरैन सिंह नाम के व्यक्ति ने क्राइम ब्रांच के पास शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया कि पीएचई में तैनात इंद्रजीत सिंह ने धोखे से अपने आप को कश्मीरी माइग्रेंट रिलीफ जोन 21 मिनी स्टेडियम जम्मू में रजिस्टर करा रखा है। इसमें उसने खुद को जवाहर नगर श्रीनगर का नागरिक बताया है। वह 1990 से इसका लाभ ले रहा था। जांच में पाया गया कि इंद्रजीत सिंह ने फर्जी राशन कार्ड बना कर लाभ लिया। वहीं, जज ने दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद कहा कि क्राइम ब्रांच इंद्रजीत सिंह और अन्य के खिलाफ केस साबित नहीं कर पाया। इसलिए आरोपियों को बरी कर दिया।