मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि आरोपी दिखने में नशे का आदी लग रहा था और उसने झपटमारी भी नशे की जरूरत पूरी करने के लिए ही की है। परंतु इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।लोगों ने जब झपटमार को पकड़ा तो उसने पूछने पर बताया, मैं रियासी का रहने वाला हूं। बीएससी तक पढ़ा हूं। दस साल से बेरोजगार हूं। पैसों की जरूरत थी और यह मेरी पहली चोरी है।
दुकानदारों बोले, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए
लिंक रोड स्थित दुकानदार राजिंदर का कहना है, बाजार में सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल न के बराबर है। पुराने शहर के बाजारों में रोजाना विभिन्न जगहों से हजारों की संख्या में लोग आते हैं। किसी की मंशा का कोई पता नहीं होता। इसीलिए कम से कम हर चौक पर पुलिसकर्मी तैनात होने चाहिए।
लिंक रोड बाजार एसोसिएशन ने खुद से 26 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, जोकि अब नहीं चलते हैं। सरकार को भी इनका रखरखाव करने में मदद करनी चाहिए।दुकानदार धीरज ने कहा, बाजार में पहले भी छीना-झपटी के मामले व महिलाओं के पर्स से चोरी होने के मामले होते रहते हैं। परंतु इतनी भीड़ होती है कि चोर को पहचानना नामुमकिन हो जाता है। हमारा बाजार शहर के मुख्य बाजारों में से है। इधर हर वक्त फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात रहनी चाहिए।"
स्थानीय युवक सिद्धार्थ ने कहा, प्रशासन को नागरिकों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगवाने चाहिए, ताकि हर पल की गतिविधि पर नजर रखी जा सके। जिस तरह से आए दिन बाजार में घटनाएं होती हैं, इससे आरोपियों की धर-पकड़ होगी और शरारती तत्वों में भी पकड़े जाने का डर रहेगा।
झपटमार का आपराधिक इतिहासजम्मू में चोरी के आरोप में पकड़ा गया युवक विशाल सिंह राजपूत, निवासी वार्ड नंबर एक रियासी, पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। पुलिस ने उसे एक बार हेरोइन के साथ पकड़ा था, जिसका मामला पुलिस स्टेशन रियासी में दर्ज किया गया था।
उक्त मामले का केस अब भी कोर्ट में है। विशाल कोर्ट के भीतर एफिडेविट बनाने का काम करता था। एक व्यक्ति ने बताया कि विशाल अक्सर लोगों से रुपये की मांग करता रहता था और बाद में वापस देने का वायदा करता था, लेकिन पैसे लेकर वह वापस नहीं लौटाता था।