सरकारी नौकरियों में सामान्य श्रेणी के पदों पर भर्ती में किसी भी वर्ग के उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं। फिर वह चाहे आरक्षित वर्ग से ही क्यों न हो। यह फैसला जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस संजय धर की खंडपीठ ने वीरवार को दिया।
खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जितेंद्र सिंह एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के एक मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि यदि आरक्षित श्रेणी का कोई व्यक्ति सामान्य श्रेणी वाले उम्मीदवारों के साथ योग्यता के आधार पर चुना जाता है, तो उसका चुनाव सामान्य श्रेणी में ही होगा। ऐसा कोई नियम नहीं है कि आरक्षित श्रेणी वाला सामान्य श्रेणी की ओपन सूची में शामिल नहीं हो सकता।
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याचिका कर्ता रवि कुमार शर्मा ने सहयोगी अदालतों में चालक के पदों पर भर्ती के मामले में याचिका दायर कर सामान्य सूची में चुने जाने वाले आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों संबंधी आदेश को खारिज करने की मांग की थी।