कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को सीबीएसई की दसवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर दिया है। यह परीक्षा चार मई से शुरू होनी थी। परीक्षा रद्द होने पर छात्रों और शिक्षकों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। इस फैसले से कुछ छात्र खुश है, जबकि अन्य का कहना है कि 12वीं की तरह फिलहाल 10वीं की परीक्षा को भी टाल देना चाहिए था। शिक्षकों ने बताया कि प्रदेश के सभी सीबीएसई स्कूलों में वर्ष स्कूल नहीं चले हैं। ऑनलाइन पढ़ाई नाममात्र की हुई, ऐसे में इंटरनल के तहत अंक के दिए जाएंगे यह भी कठिन कार्य होगा।
ये भी पढ़ें- कश्मीर: चार साल की बच्ची की प्रतिभा ने सेना को बनाया मुरीद, एक पल में बदल गई जिंदगीमेरे हिसाब से यह उचित फैसला है, इसके कई कारण है। कोरोना के कारण पिछले साल स्कूल बंद रहे। ऑनलाइन क्लासेज में उतनी पढ़ाई नहीं हुई थी। परीक्षा की तारीख आने पर तैयारी तो की थी, लेकिन उतनी नहीं कि अच्चे अंक आ जाते। मुझे संकाय में चुनने में परेशानी नहीं होगी। मैने पहले से अपना गोल निर्धारित किया है कि संकाय में आगे की पढ़ाई करनी है। मैरे लिए तो यह फैसला काफी अच्छा है। - दिव्य, एयरफोर्स स्कूल जम्मू की दसवीं की छात्रा