खातों के ऑडिट नहीं कराने को लेकरजम्मू विकास प्राधिकरण सबसे ऊपर है। इसके खाते 1972 से लेकर 2019 तक का ऑडिट नहीं हुआ। इसमें 10 स्वायत्त संस्थान ऐसे हैं, जिनके 84 खाते एक से 24 साल तक ऑडिट नहीं हुए है।
जम्मू विकास प्राधिकरण सहित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की 56 स्वायत्त संस्थाओं ने पिछले कई दशकों से ऑडिट के लिए अपने अकाउंट जमा नहीं करवाए हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने यह जानकारी देते हुए इसकी देरी पर खातों में धोखाधड़ी और गबन की आशंका जताई है।
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कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन निकायों ने कई दशकों से गतिविधियों और अपने आर्थिक प्रदर्शन का ब्योरा नहीं दिया है। इन 56 स्वायत्त निकायों के कुल 811 खातों का ऑडिट होना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन संस्थानों को बार-बार अपने सालाना अकाउंट जमा करवाने को कहा गया है।
खातों के ऑडिट नहीं कराने को लेकर इन संस्थानों में जम्मू विकास प्राधिकरण सबसे ऊपर है। इसके खाते 1972 से लेकर 2019 तक का ऑडिट नहीं हुआ। इसमें 10 स्वायत्त संस्थान ऐसे हैं, जिनके 84 खाते एक से 24 साल तक ऑडिट नहीं हुए है। लेह और लद्दाख के खातों का 1995-96 से अब तक ऑडिट नहीं हुआ है।