फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: मधुमक्खी पालन घोल रहा मिठास जिले में व्यवसाय से जुड़े 100 लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
- रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं ने भी शुरू किया शहद का कारोबार
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले में मधुमक्खी पालन धीरे-धीरे रोजगार का बेहतर विकल्प बनता जा रहा है। अब तक 100 लोग मधुमक्खी पालन से जुड़ चुके हैं। इनमें कई ऐसे युवा भी शामिल हैं जिन्हें अन्य क्षेत्रों में रोजगार नहीं मिल पाया। अब वे इस कारोबार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
मधुमक्खी पालक शीशपाल ने बताया की बीए करने के बाद रोजगार नहीं मिला। उन्होंने मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण लिया और शहद के कारोबार से जुड़ गए। उन्हें उस समय परेशानी बनती है जब वह माइग्रेशन कर बाहरी क्षेत्रों को जाते हैं। शहद की पैदावार तो अच्छी है लेकिन उन्हें बिक्री के लिए बाजार नहीं मिल पा रहा है। शीशपाल ने बताया कि बीते वर्ष वह हरियाणा गए थे। शहद की पैदावार अच्छी हुई लेकिन बिक्री नहीं होने से परेशान रहे। वह पिछले 18 वर्षों से इस कारोबार के साथ जुड़े हैं। युवाओं को भी मधुमक्खी पालन के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। विभाग की ओर से समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। स्थानीय स्तर पर शहद उत्पादन बढ़ने से न केवल युवाओं को रोजगार मिल रहा है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभाग की ओर से माइग्रेशन करने वाले मधुमक्खी पालकों को 7500 रुपये की मदद दी जा रही है। समय-समय पर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है। सब्सिडी पर पेटी भी दी जाती है। कई पढ़े-लिखे युवक भी इस कारोबार के साथ जुड़कर अपना कारोबार कर रहे हैं।
आशु जम्वाल, अधिकारी, मधुमक्खी पालन विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें