इन चार परियोजनाओं के लिए नहीं मिला पैसा
इस बार के बजट में किसी विद्युत परियोजना के लिए अतिरिक्त प्रावधान नहीं किया गया है। पिछले बजट में 624 मेगावाट कीरू हाइड्रो इलेक्टि्रक प्रोजेक्ट के लिए 130 करोड़ मिले थे। 800 मेगावाट रेटले हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए 476.44 करोड़ और 540 मेगावाट क्वार हाइड्रो इलेक्टि्रक प्रोजेक्ट के लिए 171.23 करोड़ रुपये मिले थे। वहीं, झेलम तवी फ्लड रिकवरी प्रोजेक्ट (जेटीएफआरपी) के लिए 500 करोड़ रुपये दिए गए थे।
संशोधित कर दरें मध्यम वर्ग के जीवन में बदलाव लाने वाला ऐतिहासिक कदम : एलजीएलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत सभी प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से विकास कर रहा है। ये बजट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, एमएसएमई, ऊर्जा क्षेत्र, नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा।
संशोधित कर दरें मध्यम वर्ग के जीवन में बदलाव लाने वाला ऐतिहासिक कदम है। व्यावहारिक बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद। अर्थव्यवस्था को तेजी से पटरी पर लाने व गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए साहसिक विकास पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मैं आभारी हूं।
लद्दाख को 4,692.15 करोड़ मिले, पिछली बार से 1,265 करोड़ कम
आम बजट में इस बार केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पिछले बजट के मुकाबले निराशा हाथ लगी है। पिछली बार की तुलना में नए वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार ने लद्दाख के लिए 4,692.15 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह राशि चालू वित्तीय वर्ष की तुलना में 1,265.85 करोड़ रुपये कम है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए आम बजट में लद्दाख के लिए 4,500 करोड़ का आवंटन किया गया था। बजट घोषणा के मुताबिक नए वित्तीय वर्ष में लद्दाख को 4,692.15 करोड़ रुपये मिलेंगे। इनमें राजस्व व्यय के लिए 2,450 करोड़ और पूंजीगत व्यय के रूप में 2,242.15 करोड़ शामिल हैं। गौरतलब है कि बीते साल जुलाई में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले पूर्ण बजट में लद्दाख को 5,958 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। यह राशि 2023-24 में आवंटित 4,500 करोड़ रुपये से 32 प्रतिशत ज्यादा थी।