राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बने जम्मू कश्मीर के कर्मचारी वर्ग को केंद्रीय बजट से ढेरों अपेक्षाएं है। जम्मू कश्मीर इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष बाबू हुसैन मलिक के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर यूटी जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों को सभी लाभ दिए जाने चाहिए।
अभी तक कर्मचारियों के ग्रेड स्केल में काफी विसंगतियां है। प्रदेश के कर्मचारियों के मेडिकल अलाउंस में बढ़ोतरी कर 300 से बढ़ाकर 2000 रुपये मासिक किया जाना चाहिए। आयकर सीमा में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए।
नेशनल मजदूर कांफ्रेंस के अध्यक्ष सुभाष शास्त्री ने कहा कि सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद न्यूनतम वेतन वर्ग के कर्मचारियों को ज्यादा लाभ नहीं हुआ। ऐसे में केंद्र सरकार को लवासा कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की घोषणा करनी चाहिए। आयकर सीमा में भी बढ़ोतरी समय की जरूरत है। प्रदेश के अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए भी नीति निर्धारित होनी चाहिए।
पीएचई विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की यूनियन के अध्यक्ष तनवीर हुसैन ने कहा कि प्रदेश में एक लाख से ज्यादा अस्थायी कर्मचारी हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को इन्हें नियमित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।