बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा आज शुरू हो गई। दस दिन चलने वाली यात्रा के पहले जत्थे का सुंदरबनी में भव्य स्वागत किया गया। पहुंचने पर स्वागत के लिए बनाए गए आधार शिविर में बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा न्यास की ओर से जोरदार स्वागत किया गया।
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जम्मू में भगवती नगर के आधार शिविर से 37 छोटे-बड़े वाहनों में 1250 यात्रियों का पहला जत्था, जिसमें 746 पुरुष, 451औरतें तथा 53 बच्चे शामिल हैं।
यात्रा के पहले जत्थे के लिए राजगुरु 1008 महामंडलेश्वर बाबा बूढ़ा अमरनाथ पुंछ स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती जी महाराज की तरफ से यात्रियों के लिए व्यवस्था की गई थी। यात्रियों को जलपान करवाकर स्वामी जी ने झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया।
देश भर से आते हैं श्रद्धालु
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को जम्मू से पुंछ मार्ग पर ऐतिहासिक, प्राचीन और धार्मिक स्थलों के दर्शनों का सौभाग्य भी प्राप्त होगा। पहले जत्थे में गुजरात, हिमाचल प्रदेश, केरल, कानपुर आदि राज्यों से शिव भक्त शामिल हुए।
इसमें सबसे ज्यादा गुजरात के श्रद्धालु शामिल थे। गुजरात से आए विजय दत्त ने कहा कि अमरनाथ यात्रा के साथ बूढ़ा अमरनाथ यात्रा करके ही प्रभु शिव संपूर्ण आशीर्वाद देते हैं।
इस यात्रा में भक्तों को बाबा के दर्शन के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का मजा लूटने का मौका मिलता है।
इन जगहों पर जाएगी यात्रा
बूढ़ा अमरनाथ के लिए जाने वाले श्रद्धालु रियासी स्थित शिवखोड़ी, अखनूर स्थित जिया पोता घाट, अखनूर स्थित कामेश्वर मंदिर, पांडव गुफा आदि धार्मिक और प्राचीन स्थलों पर भी जाते हैं।
यात्रा के लिए देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था।
समारोह में बजरंग दल के पदाधिकारी राजेश पांडे, अमरनाथ एवं बूढ़ा अमरनाथ यात्री न्यास के सुरेंद्र अग्रवाल, विहिप के लीला करण, रमाकांत दुबे, सुरेंद्र मिश्रा, डॉ. शाम, राजेश गुप्ता, रोहित शास्त्री, हरीश भाई चौहान, रामेश्वर दास, नीरज आदि मौजूद रहे।
मचेल माता यात्रा भी शुरू
श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा के साथ मचेल यात्रा का भी आगाज हुआ। एक माह तक चलने वाली इस यात्रा के लिए दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में माता के भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया है।
किश्तवाड़ के गुलाबगढ़ क्षेत्र से करीब तीस किलोमीटर आगे स्थापित मचेल माता के दरबार में लाखों श्रद्धालु हाजिरी देकर आशीर्वाद पाते हैं। किश्तवाड़ के गुलाबगढ़ क्षेत्र तक भक्त वाहनों में सवार होकर पहुंचते हैं।
जिसके बाद करीब तीस किमी. का सफर पैदल तय किया जाता है। गुलाबगढ़ से यात्रियों के लिए हेलीकाप्टर सेवा भी शुरू की गई है।
पुराने शहर के पक्का डंगा क्षेत्र में स्थित महालक्ष्मी मंदिर से आगामी 17 अगस्त को निकाली जाने वाली माता रानी की अखंड ज्योत की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। इसमें संभाग भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।