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Jammu Poonch Highway: जम्मू-पुंछ राजमार्ग पर बीआरओ को एक और सफलता, सुंगल सुरंग के दोनों छोर मिले

Tue, 14 May 2024 06:18 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

बीआरओ ने मंगलवार को बताया कि राजमार्ग पर 2.79 किलोमीटर लंबी सुंगल सुरंग के दोनों छोर मिल गए हैं। रणनीतिक रूप से जम्मू-पुंछ हाईवे बहुत ही अहम है।
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सुरंग के दोनों छोर मिले - फोटो : बीआरओ
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विस्तार
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जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग (144A) सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को एक और सफलता मिल गई है। बीआरओ ने मंगलवार को बताया कि राजमार्ग पर 2.79 किलोमीटर लंबी सुंगल सुरंग के दोनों छोर मिल गए हैं। रणनीतिक रूप से जम्मू-पुंछ हाईवे बहुत ही अहम है। 200 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण पूरा होने से जम्मू से पुंछ की दूरी करीब 40 किलोमीटर कम हो जाएगी।

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बीआरओ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजना को अगले कुछ वर्षों में पूरा करने की उम्मीद जताई। जम्मू की तहसील अखनूर से पुंछ को जोड़ने वाले इस राजमार्ग में चार सुरंगें हैं। इस मार्ग को गोल्डन आर्क रोड के रूप में भी जाना जाता है। चार सुरंगों में दो के छोर मिल गए हैं। इससे पहले 28 जनवरी को 700 मीटर लंबी नौशेरा सुरंग भेद लिया गया था। 260 मीटर कंडी और 1.1 किलोमीटर लंबी भिंबर गली सुरंग बनाने का काम जारी है।

लेफ्टिनेंट जनरल श्रीनिवासन ने सुंगल सुरंग के उद्घाटन समारोह के दौरान कहा, "यह हम सभी के लिए एक महान क्षण है क्योंकि जम्मू-पुंछ लिंक रोड तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ वर्षों में पूरा होने की राह पर है।"
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पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को समर्थन देने वाले पड़ोसी देश की 'नापाक गतिविधियों' को देखते हुए यह सड़क रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, "महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के पूरा होने के बाद, जम्मू और पुंछ के बीच यात्रा का समय वर्तमान आठ घंटों से लगभग आधा कम हो जाएगा। सड़क चौड़ीकरण और चार सुरंगें हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी और लोगों को एक सुरक्षित यात्रा प्रदान करेंगी।" 

उन्होंने कहा कि राजमार्ग का 200 किलोमीटर लंबा अखनूर-पुंछ खंड सीमावर्ती क्षेत्र की समग्र आर्थिक समृद्धि को आगे बढ़ाएगा। अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति में तेजी आई है और परियोजना 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।

बीआरओ प्रमुख ने कहा, "बीआरओ दूरदराज के इलाकों को जम्मू-पुंछ क्षेत्र के प्रमुख केंद्रों से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहा है।"

नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर रक्षा बुनियादी ढांचे के बारे में पूछे जाने पर, महानिदेशक ने कहा कि इसका विकास एक सतत प्रक्रिया है और बीआरओ अंतर्राष्ट्रीय सीमा, एलओसी और नियंत्रण रेखा पर रणनीतिक सड़कों के निर्माण और उन्नयन के द्वारा रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

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