गांव कल्याणा से सीमांत गांव को जोड़ने के लिए बनाए गए पुल पर छह वर्ष बाद भी रेलिंग नहीं बन पाई है। इससे ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि रेलिंग नहीं होने की वजह से हमेशा हादसों का डर बना रहता है। गांव की पंचायत के सरपंच राज कुमार भगत का कहना है कि पुल की रेलिंग नहीं होने से कई बार लोग हादसों के शिकार हो चुके हैं।
इस बाबत संबंधित विभाग के अधिकारियाें को सूचित किया गया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे दिक्कतें बरकरार हैं। गांव के नायब सरपंच हरमन सिंह, पंच द्वारका नाथ, शंकार सिंह, मेला राम, कृष्ण लाल, गुरचरण सिंह, देवराज, बोधराज, मिलखा सिंह, कस्तूरी लाल का कहना है कि आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। इससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
लोगों के जान जाने का भी डर रहता है। उन्होंने संबंधित विभाग से मांग करते हुए कहा कि इस पुल की रेलिंग बनाई जाए, ताकि सुरक्षित आवागमन हो सके। उन्होंने कहा कि इन दिनों पड़ रही धुंध के चलते पुल पर खतरा बढ़ गया है। वाहन चालक सहमे-सहमे यहां से निकलते हैं। लोगों का कहना है कि ध्यान नहीं दिया गया, तो विरोध-प्रर्दशन करेंगे।