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बलोल पुल बहा, बरसाती नाले ने दिखाया रौद्र रूप

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तीस साल बाद बारिश ने फिर कहर ढाया है। कुंजवानी-बिश्नाह मार्ग पर बलोल खड्ड पर बना पुल शनिवार को तेज बहाव में बह गया। इससे बिश्नाह तहसील के दर्जनों गांव सीधे जम्मू से कट गए हैं।
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गंग्याल के बरसाती नाले ने रौद्र रूप दिखाया है। नाले में आई बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई है। घरों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया। लोगों को छतों पर पनाह लेनी पड़ी।

भारी बारिश के चलते बंधुरख के पास बलोल खड्ड पर बना पुल बहाव सह नहीं सका और बह गया। पुल के ढहने से बिश्नाह तहसील के दर्जनों गांवों के लोगों को अब लंबी दूरी तय कर बाड़ी ब्राह्मणा से होते हुए जम्मू आना पडे़गा।
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बरजानी स्थित एक नाले पर बना पुल भी बाढ़ ध्वस्त हो गया। गंग्याल इलाके से होकर गुजरने वाले बरसाती नाले ने रौद्र रूप दिखाते हुए सुबह चार बजे गंग्याल के सेक्टर एक, दो, तीन, चार और शंकर कालोनी में भयंकर तबाही मचा दी।
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सैकड़ों घरों में पांच फीट तक घुसा पानी, मकान क्षतिग्रस्त

इलाके के हालत ऐसे थे कि चोरों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा था। घरों में चार से पांच फीट तक पानी भरा गया। इलाके की गलियां नाले में तब्दील हो गईं। लोगों ने बचने के लिए महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को साथ लेकर छतों पर पनाह ली।

मोहल्ले की हर गली में घुटनों तक पानी भर गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार सुबह चार बजे तक नाले में पानी ठीक चल रहा था। इसके बाद सेक्टर चार में नाले के किनारे बनी दीवार ढहने की तेज आवाज आई।

इसके बाद चंद ही मिनटों में ही पानी पूरे इलाके में चढ़ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कई घरों की दीवारें गिर गईं।

दरअसल, पिछले पांच दिन से हो रही बारिश के चलते लोगों को इस बात का डर सता रहा था कि नाले में किसी भी समय बाढ़ आ सकती है। इसलिए रात को भी लोग सो नहीं रहे थे।
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