समर जोन में अप्रैल के दूसरे सप्ताह से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाएगा। कोरोना के दो साल बाद निजी और सरकारी स्कूलों में नए सत्र में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होगी। हालांकि कोरोना महामारी के दो साल में बच्चों की जहां पढ़ाई प्रभावित हुई, वहीं ऑनलाइन पढ़ाई के चलते पढ़ने और लिखने की रुचि भी घट गई है। स्कूल के माहौल को भी एक तरह भूल से गए हैं। उनमें अनुशासनहीनता भी बढ़ी है।
बच्चों को लिखने और पढ़ने में आ रही समस्या
इंटरनेशनल डेली राइजिंग स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. अतुल हंस, निदेशक ने बताया कि फरवरी में शुरू हुई ऑफलाइन पढ़ाई के दौरान बच्चों में सबसे ज्यादा समस्या लिखने और पढ़ने में आ रही है। बच्चों की लिखने और पढ़ने की क्षमता कम हो गई है। इस कमी को पूरा करने के लिए नए सत्र से ब्रिज कोर्स शुरू किया जा रहा है, जिसमें इन कमियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि बच्चों को कोरोना से पहले वाली स्थिति में लाया जा सके।
एमवी इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल गौरव अबरोल ने बताया कि दो साल से बच्चे घरों में बैठे थे। उनमें पढ़ने और लिखने की आदत में कमी आई है। स्कूल में नए सत्र से समूह में होने वाली गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ पाठ्यक्रम को पूरा करवाया जाएगा। कोरोना महामारी से निकलने के बाद बच्चों को नई व्यवस्था में ढलने में समय लगेगा।
लगेंगी अतिरिक्त कक्षाएं
जम्मू के मुख्य शिक्षा अधिकारी सूरज सिंह ने कहा कि एक अप्रैल से जिले के सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाएगा। कोरोना के चलते दो साल बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हुई है। ऐसे में नए शैक्षणिक सत्र से बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी। बच्चों को पिछली कक्षाओं के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। सभी स्कूलों को इस संबंधी आदेश पहले ही जारी कर दिए हैं।