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Jammu News: एक साल में रिश्वत लेते पांच पुलिसकर्मी पकड़े जिस थाने के मेंटर डीआईजी वहां भी रिश्वतखोरी

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जानीपुर थाने में पीएसआई 10 हजार रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार, मेंटर हैं डीआईजी श्रीधर पाटिल
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एफआईआर से लेकर आरोपी का नाम हटाने तक के लिए मांगे पैसे

अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पुलिस थानों में कार्रवाई के बदले रिश्वत मांगने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले एक साल में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जम्मू जिले के अलग-अलग थानों में कार्रवाई करते हुए पांच अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को रिश्वत के लेते पकड़ा है। इनमें जानीपुर थाना भी है जिसके मेंटर जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के वर्तमान डीआईजी श्रीधर पाटिल हैं।
जम्मू जिले में एक साल में आरएसपुरा, बाग-ए बाहु, बिश्नाह, घरोटा और जानीपुर थाने में पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीबीआई ने कार्रवाई की है। इन मामलों में पुलिसकर्मी शिकायतकर्ताओं से पैसे मांगते पाया हैं। सीबीआई ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया और आरोपियों को रंगे हाथ दबोचा। लगातार सीबीआई की कार्रवाई के बाद जम्मू पुलिस के थानों में निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आलम ये है कि जिस थाने की मेंटर खुद डीआईजी है वहां भी खुलेआम रिश्वतखोरी हो रही है। डीआईजी श्रीधर पाटिल लोगों को शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा देते हैं, लेकिन उनके ही निगरानी वाले थाने में एक सब इंसपेक्टर शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठता है। इन सभी मामलों में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच जारी है।
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सीबीआई की कार्रवाई : केस हिस्ट्री



जुलाई 2025 आरएस पुरा थाना : सब इंस्पेक्टर मोहम्मद बशीर मलिक पर केस से नाम हटाने और जमानत के लिए अनुकूल पुलिस रिपोर्ट देने के बदले 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा। चार जुलाई 2025 को सीबीआई ने ट्रैप लगाया। अधिकारी पैसे लेकर थाने से फरार हो गया। बाद में उसके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज हुआ।



नवंबर 2025 बाग-ए-बाहु थाना : हेड कांस्टेबल रियाज अहमद पर सिद्दड़ा के एक रेस्टोरेंट संचालक का नाम केस से हटाने के बदले 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा। सीबीआई ने उसे रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामले में एक प्रोबेशनर एसआई विजय गोस्वामी से भी पूछताछ की गई।


फरवरी 2026 घरोटा थाना : घरोटा थाने में तैनात हेड कांस्टेबल अशोक कुमार को 13 हजार रुपये की रिश्वत लेते सीबीआई ने गिरफ्तार किया। इसमें आरोप था कि थाने में दर्ज एक एफआईआर में आरोपी को राहत देने के बदले कांस्टेबल ने रिश्वत की मांग की थी। आरोपी ने कांस्टेबल को सरकारी क्वार्टर में बुलाया वहां पहले से मौजूद सीबीआई टीम ने कांस्टेबल को नकद राशि लेते दबोच लिया।
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अप्रैल 2026 बिश्नाह थाना : हेड कांस्टेबल सोम दत्त पर चोरी के मामले में बरामद सोने के आभूषण सही मालिक को सौंपने के बदले 20 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा। सौदा 10 हजार रुपये में तय हुआ। सीबीआई ने उसे थाने में रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद एसएचओ को भी अटैच किया था।
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अगस्त 2026 जानीपुर थाना : सब इंस्पेक्टर पर शिकायतकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगा। 20 हजार रुपये की मांग के बाद 10 हजार रुपये में सौदा तय होने की बात सामने आई। सीबीआई ने ट्रैप कार्रवाई कर एसआई को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।



ये भी सवाल
- सीबीआई की लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग ने क्या संज्ञान लिया है।

- इन मामलों में विभागीय कार्रवाई की क्या स्थिति है।

- थानों में रिश्वतखोरी रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
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