पिछले पंद्रह दिनों से कानाचक्क क्षेत्र से पलायन कर आए लोगों ने स्थानीय हायर सेकेंडरी स्कूल में डेरा डाला हुआ था। दिवाली के अगले दिन शुक्रवार को सभी लोगों ने अपने घरों का रुख किया, जिसके बाद स्कूल को खाली कर दिया गया है।
पाकिस्तान की ओर से कानाचक्क सेक्टर में की गई गोलीबारी से प्रभावित गांवों लल्याल कैंप, लल्याल, सुई, कानाचक्क आदि सीमावर्ती क्षेत्रों से लोग पलायन कर गए थे। जिन्हें सरकार की ओर से दोमाना हायर सेकेंडरी स्कूल में राहत शिविर में रखा गया था।
सीमा पर शांति बहाली के बाद लोगों ने दिवाली के अगले दिन शुक्रवार को अपने घरों को लौट गए। पलायन करने वालों में शामिल बबली देवी ने बताया कि वह लोग पहले ही घर जाना चाहते थे, लेकिन दिवाली पर पाकिस्तान फिर से गोलाबारी न कर दे, इस डर से वे कैंप में ही रहे। अब भैया दूज वे अपने घरों में मनाएंगे।
हायर सेकेंडरी स्कूल में चलेंगी कक्षाएं
विस्थापितों के स्कूल में ठहरने से स्कूल में शिक्षा प्रभावित हो रही थी। जिसके चलते एसडीएम नार्थ पियूष सिंगला की ओर से की गई कोशिशों के बाद से दसवीं और बाहरवीं की कक्षाएं स्थानीय मिडिल स्कूल में चलाई जा रही थीं। अब सोमवार से सभी कक्षाएं दोमाना हायर सेकेंडरी स्कूल में ही चलेंगी।