फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Border Tourism: सीमा पर विकास की रेखा, आईबी पर 40 होमस्टे चिह्नित, जीरो लाइन का देख सकेंगे नजारा

Thu, 29 Feb 2024 06:07 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

सीमा देखने के लिए आने वाले पर्यटक अब जीरो लाइन पर खेती देख सकेंगे। लाइब्रेरी में पढ़ सकेंगे और बंकरनुमा होमस्टे में ठहर सकेंगे। इन परियोजनाओं पर काम भी शुरू कर दिया गया है। 
विज्ञापन
सीमा पर स्थित होम स्टे - फोटो : एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सांबा जिला कौशल समिति एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय का स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज मिलकर युवा उद्यमियों को विभिन्न कौशल में प्रशिक्षित करेंगे। इसको लेकर बुधवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव जैन और सांबा के जिला उपायुक्त अभिषेक शर्मा के बीच अनुबंध हुआ।

विज्ञापन


समझौते के तहत 40 चिह्नित होमस्टे मालिकों को मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा और व्यवसाय बढ़ाने के तरीके बताए जाएंगे। सीमा देखने के लिए आने वाले पर्यटक अब जीरो लाइन पर खेती देख सकेंगे। लाइब्रेरी में पढ़ सकेंगे और बंकरनुमा होमस्टे में ठहर सकेंगे। इन परियोजनाओं पर काम भी शुरू कर दिया गया है। 

रामगढ़ में लाइब्रेरी और जिम स्थापित करने और सांबा में सामुदायिक बंकरों को मॉडल बंकरों में बदलने की योजना पर काम चल रहा है। इसको लेकर सीमावर्ती लोगों विशेषकर युवा उद्यमियों में उत्साह है।
विज्ञापन


सांबा के साथ आईबी पर कभी गोलियों और मोर्टार की आवाज से सहमे रहने वाले लोग अब स्वतंत्र घूम सकते हैं और व्यवासाय के लिए सोचने लगे हैं। केंद्र और यूटी सरकार की मदद से सीमा पर होमस्टे योजना रंग लाने लगी है। डीसी सांबा के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखती है। 

बाबा चमलियाल मंदिर, 300 साल पुराना मंदिर बामू चक, बाबा बाली करण और बाबा सिद्ध गोरिया तीर्थस्थल को देखने के लिए लोग यहां आते हैं। केंद्र और यूटी प्रशासन दोनों सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। पिछले साल चमलियाल मंदिर में पर्यटकों को आवास की समस्याओं का सामना करना पड़ा था। इस समस्या को दूर करने के लिए होमस्टे योजना को बढ़ावा दे रहे हैं।

जानकारी के अनुसार लोग अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जाना पसंद करते हैं इसलिए सरकार स्थानीय आबादी की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए सीमा पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। सीमावर्ती गांवों का दौरा करने वाले लोगों से बीएसएफ को भी कोई परेशानी नहीं है। 
विज्ञापन

चमलियाल निवासी ओम प्रकाश ने सरकार की योजना का स्वागत किया और सीमा पर शांति सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमा पार से अब गोलाबारी बंद है जिससे ग्रामीणों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। -एजेंसी-ब्यूरो

सांबा जिले में आईबी के पास होमस्टे में पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। तीन साल पहले संघर्ष विराम लागू होने के बाद जमीनी स्थिति में बदलाव आया है। प्रदेश प्रशासन ने हाल ही में सीमाओं पर शांति के बीच सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रामगढ़ सेक्टर में प्रसिद्ध बाबा चमलियाल मंदिर के नजदीक होमस्टे के लिए मंजूरी दी है। जीरो लाइन पर बाबा चमलियाल का प्रसिद्ध मंदिर हजारों भक्तों को आकर्षित करता है। दाग चन्नी गांव में एक दोमंजिला होमस्टे और भूमिगत बंकर भी बनाया है, जो पर्यटकों को सीमा स्थिति का एहसास करवाता है। - मोहन सिंह भट्टी, पूर्व सरपंच, फतवाल।

हमारा गांव आईबी से दो किलोमीटर की दूरी पर है और हम चाहते हैं कि लोग बड़ी संख्या में आएं। दिल्ली या मुंबई से आने वाले लोगों ने सीमाओं के बारे में केवल सुना है। उन्हें यहां पहुंचने पर जमीनी हकीकत का एहसास होगा। होमस्टे कुछ पैसे कमाने के अलावा घुलने-मिलने और एक-दूसरे की संस्कृति को जानने का अवसर प्रदान करते हैं। कभी नहीं सोचा था कि सीमा पर ऐसा विकास संभव है। - बिल्लू चौधरी, अध्यक्ष, बाबा चमलियाल तीर्थ।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें