रियासत के उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने एकबार फिर कहा कि सीमांत इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर प्लाट मुहैया करवाने के लिए सरकार कटिबद्ध है।
उनका कहना है कि प्लाट कहां और किस तरह से देने हैं, उस पर सरकार कार्य कर रही है। पूरा सीमांत इलाका खाली नहीं कर सकते। जिन क्षेत्रों में ज्यादा खतरा रहता है, वह के लोगों को सीमा से कुछ दूर बसाने पर योजना बन रही है।
इसमें रियासत के अलावा केंद्र सरकार भी मदद करेगी। डा. सिंह ने यह बातें सेना के एक समारोह और विलय दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के बाद बातचीत में कहीं।
सीमांत इलाकों के लोगो को गोलाबारी से बचाने के लिए बंकरों के निर्माण के संबंध में उन्होंने कहा कि उस पर केंद्र की मदद से काम चल रहा है। वह भी जल्द पूरा किया जाएगा।
पाकिस्तान की ओर से पिछले तीन दिनों से लगातार गोलाबारी किए जाने के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पाक अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आएगा।
उसे उसकी ही भाषा में जवाब देना होगा। तभी वह अपनी हरकतों से बाज आएगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक हालात अच्छी नहीं है। वह अपने देश के विकास की बजाए नापाक हरकतों में ज्यादा शामिल रहता है।
आज उनके द्वारा तैयार किए गए आतंकी ही उनकी चिंता का सबब बने हुए हैं। पाकिस्तान को भारत के साथ मिलकर आतंकी संगठनों के खिलाफ कदम उठाने चाहिए, ताकि दोनों देशों का भला हो।
सीमांत इलाकों के लोगों को प्रशासन की ओर से मिलने वाली मदद के संबंध में उन्होने कहा कि प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
जिन क्षेत्रो में गोलाबारी हो रही है, वहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाए और उनके खाने-पीने की सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। इसके लिए हमारे मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा की ड्यूटी लगाई गई है कि वह मदद के काम पर नजर रखेंगे।