राज्य सरकार द्वारा सरकारी स्कूलाें के बच्चाें को निशुल्क पुस्तकें मुहैया करवाने का प्रावधान है। लेकिन अभी तक बच्चों को पुस्तकें नहीं मिल पाई हैं। अभिभावक रतन लाल, विजय कुमार, जय पाल, मोहन लाल का कहना है कि परीक्षाओं के बाद बच्चाें को सरकारी स्कूलाें से नई पुस्तकें नहीं मिलीं। इस कारण बाजार से पुस्तकें खरीदनी पड़ रहीं।
इनका कहना है कि बनाई गई योजनाओं का जरूरतमंद लोगों को लाभ नहीं पहुंच रहा। लोगाें ने शिक्षा विभाग से मांग करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलाें में बच्चों को पुस्तकें मुहैया करवाई जाएं, ताकि उनकी शिक्षा प्रभावित न हो। आरएस पुरा के जोनल शिक्षा अधिकारी सुरेश दूबे का कहना है कि एक-दो दिनाें तक पुस्तकें आने पर इसका समाधान किया जाएगा।