संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह। जहां एक तरफ कई लोग पक्की गलियों के लिए तरस रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ब्लॉक में लाखों रुपये की कीमत की टाइल धूल फांक रही है। बिश्नाह के बीडीओ ब्लॉक में गलियों को पक्का करने के लिए मंगवाई गई टाइलें बेकार पड़ी हैं। ब्लॉक के कई गांव हैं, जिनकी गलियों की हालत खस्ता है। कई गांव के लोग पक्की गलियों के लिए कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन ब्लॉक में टाइलें होने के बावजूद भी उन्हें गलियों को पक्का करने में नहीं लगाया जा रहा। बल्कि टाइलें कार्यालय में ही खराब हो रही हैं।
ब्लॉक में पड़ी टाइलों पर घास उग गई है। जो इस बात का प्रतीक है कि टाइलें काफी वर्ष पहले मंगवाई गई हैं, जिन्हें अभी तक ब्लाॅक कार्यालय की शोभा बढ़ाने के लिए ही रखा गया है। ऐसा लगता है जैसे लोगों को दिखाने मात्र ही टाइलों को लाया गया है। संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को चाहिए कि इस प्रकार कार्यालयों में टाइलों के ढेर लगाने के बजाय जिन गांव में पक्की गलियों की मांग है, उन्हें पक्का किया जाए, ताकि जनता के लिए खर्च की गई धनराशि से जनता के काम आ सके और विकास हो।
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टाइलों के ढेर पर शराब की बोतलें
बीडीओ ब्लॉक में टाइलों के ढेर लगे हैं, जिन पर शराब की खाली बोतलें पड़ी हुई हैं। एक सरकारी दफ्तर के परिसर में शराब की बोतलें पाए जाने का क्या मतलब हो सकता है।
ब्लाक परिसर में पड़ी टाइलें कई वर्षों से पड़ी हैं, और बिना किसी टेंडर के इनको कहीं नहीं ले जाया जा सकता है। जब किसी गली के निर्माण में कोई बाधा आती है, जिसके चलते गली का निर्माण रुक जाता है, तो टाइलों को कार्यालय परिसर में लाया जाता है। जब उक्त गलियों का टेंडर हो जाएगा तो टाइलों को दोबारा से निर्माण के लिए भेजा जाएगा। टाइलों पर शराब की बोतलें पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
-रुपाली महाजन, बीडीओ, बिश्नाह