तहसीलदार गगन दीप कुमार लोगों को डोमिसाइल प्रमाण पत्र देते हुए। संवाद
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मीरां साहिब। सरकार जनता की समस्याओं को हल करवाने के लिए हर बुधवार को ब्लाक दिवस का आयोजन करवाती है। अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से यह दिवस सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है।
बुधवार को मीरां साहिब ब्लाक में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यहां कई विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे। इससे फरियादी नाराज होकर वापस चले गए। ब्लाक दिवस कार्यक्रम में हर विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य होती है लेकिन कई अधिकारी इस बैठक में नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसा न होने से लोगों को ब्लाक दिवस का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। मौके पर बिश्नाह जोनल के शिक्षा अधिकारी को पहुंचना था लेकिन उन्होंने दूसरे अफसर को भेज दिया। दूसरे विभागों के भी कई अधिकारी उपस्थित नहीं थे। कुछ ऐसे अधिकारी पहुंचे जिनके पास समस्याओं के समाधान का अधिकार ही नहीं था। गांव छिया चक्क से आई रतनो देवी ने बताया कि बेटी के नाम राशनकार्ड पर गलत दर्ज हो गया है। जिसे ठीक करवाने के लिए वह यहां पहुंची हैं। संबंधित अधिकारी के बैठक में नहीं होने के कारण वह वापस जा रही हैं। शाम लाल ने बताया कि संबंधित विभाग के अधिकारी स्टाल पर नहीं मिलते। इसके बाद भी काम के लिए कार्यालय बुलाया जाता है। शाम लाल ने बताया कि काम नहीं होने पर इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन बंद कर देना चाहिए।
गांव चक्क मोहम्दयार के सावर विनय और रौशन लाल ने बताया कि बीते सितंबर में जॉब कार्ड बनाए जाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। लेकिन अभी तक कार्ड नहीं मिल पाया। शिविर में पहुंचीं सहायक श्रम आयुक्त दिव्या नंदा ने बताया कि लोगों ने आवेदन करते समय गलतियां की हैं। इससे उनके कार्ड नहीं बन पाए। आरएस पुरा तहसीलदार गनदीप कुमार ने बताया कि शिविर में अधिकतर लोग डोमिसाइल प्रमाणपत्र के लिए पहुंच रहे हैं। मौके पर उन्हें मुहैया करवाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा, सिर्फ आश्वासन ही मिलता है
अखनूर। कस्बे के हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित ब्लॉक दिवस का आयोजन किया गया। यहां पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारी आश्वासन देकर चले जाते हैं। समस्या का समाधान नहीं हो पाता। ग्रामीणों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों में समस्याओं का समाधान नहीं होने से यह दिवस सिर्फ औपचारिकता बन गया है। चेयरमैन किसान सेल केपी सिंह ने बताया की गांव गडरावां, टांडा सहित अन्य पंचायतों की सैकड़ों एकड़ भूमि सेना के आधीन है। चार सालों से इसका मुआवजा नहीं मिल पाया है। इस बारे में कई बार संबंधित अधिकारियों को बताया जा चुका है। ग्रामीण रामपाल ने सड़कों की खस्ताहालत, कंडी क्षेत्र में पानी की किल्लत सहित अन्य समस्याओं के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया।