पूर्व सरपंच के घर के आंगन में उगाया गया था इसे, विस्फोट से बिखरे छर्रे मिले
एनएसजी की माैजूदगी से लोगों में डर और कौतूहल का बना रहा माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एजेंसियां बेहद गंभीर हैं। किसी भी संदेह को दूर करने और जांच के लिए एनएसजी के दस्ते पूर्व सरपंच के घर के आंगन में उगाए मवेशियों के चारे को भी काटा। इसमें जवानों को कुछ छर्रे मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने पूर्व सरपंच से पूछताछ भी की है।
सोमवार को घगवाल के हरसाथ गांव में जैसे ही एनएसजी के कमांडो की गाड़ियां पहुंचीं तो स्थानीय लोगों में डर और कौतूहल का माहौल बन गया। यह पहला मौका था जब ग्रामीणों ने अपने गांव में इतनी बड़ी संख्या में आधुनिक हथियारों से लैस एनएसजी के जवानों को देखा था।
एनएसजी के जवानों ने पहुंचते ही सबसे पहले विस्फोट स्थल के चारों ओर पीला फीता लगाकर उसे सील कर दिया ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। विशेष बम निरोधक दस्ते ने आधुनिक मेटल डिटेक्टरों और अन्य उपकरणों की मदद से घर के चारों ओर गहन तलाशी अभियान चलाया। शक के आधार पर घर के आंगन में मवेशियों के लिए उगाए गए चारे को भी काटा गया। बारीकी से जांच में जवानों को वहां से कई छर्रे मिले हैं जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है। इसके अलावा घर के आसपास के क्षेत्र की बारीकी से जांच की गई। घर की छत और पड़ोस के मकानों की छत पर भी एनएसजी के जवानों ने जांच की।
लोहार की फड़ी और कबाड़ की दुकान भी खंगाली
एनआईए व एनएसजी की टीम ने घटनास्थल के पास स्थित संदिग्ध ठिकानों पर भी दबिश दी। जिस गेट के समीप विस्फोट हुआ था वहां पास में ही लंबे समय से कृषि औजारों की मरम्मत करने वाले हेम राज लोहार से लंबी पूछताछ की गई। खोजी कुत्तों और बम निरोधक दस्ते ने लोहार की फड़ी (कार्यस्थल) की बारीकी से जांच की। इसके अलावा, पुलिस ने घटनास्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित मुकेश की कबाड़ की दुकान पर भी छानबीन की। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री का स्रोत क्या था और क्या इसका किसी स्थानीय गतिविधि से कोई लिंक है।