जहां एक तरफ बाढ़ और बारिश की तबाही से हजारों लोग बेघर हो गए हैं और सैकड़ों मौत का शिकार हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा मुआवजे के लिए जारी किए गए आवेदन फार्म की कालाबाजारी भी जोरों पर है। बुधवार को डीसी राजोरी ने तहसील परिसर के पास कई फोटोस्टेट की दुकानों पर औचक छापेमारी की तो पाया कि कई दुकानदार मुफ्त में मिलने वाले फार्म को भी पैसे लेकर बेच रहे हैं।
बाढ़ पीड़ित लोगों को तहसील कार्यालय से मुफ्त में मिलने वाले फार्म को बाजार से सौ रुपये देकर खरीदना पड़ रहा है। डीसी ने इस बात का कड़ा संज्ञान लेते हुए दुकानदारों को चेतावनी दी कि वह मुफ्त में मिलने वाले फार्म को न बेचें। यदि आगे से ऐसा करते पाया गया तो एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं इस बारे में राजोरी के डीसी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने के लिए सरकार द्वारा आवेदन फार्म जारी किए गए हैं।
किसी भी तहसील कार्यालय से मुफ्त में फार्म लेकर लोगों को अपने पते और नुकसान की जानकारी देनी है, लेकिन कुछ लोग इसका गलत प्रयोग कर प्रभावित लोगों को लूट रहे हैं। डीसी के अनुसार, उन्हें किसी ने शिकायत की थी कि बाजार में अधिक रुपये वसूल कर मुफ्त में मिलने वाले फार्म की सेल की जा रही है। तुरंत सुनवाई करते हुए खुद मौके पर पहुंचे और सब कुछ अपनी आंखों से देखा।
वहीं डीसी ने राजोरी के हसीलदार और एसएचओ की अगुवाई में टीम का गठन कर निर्देश भी जारी कर दिए कि सभी फोटोस्टेट की दुकानों पर कड़ी नजर रखी जाए। यदि कोई दुकानदार फार्म को बेचता पाया जाए तो उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। वहीं डीसी ने बाढ़ प्रभावित लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह कहीं से भी रुपये देकर कोई फार्म न खरीदें। यदि कोई अधिकारी उनकी सहायता के लिए रिश्वत मांगता है तो तुरंत इसकी जानकारी दें।