सांबा नगर परिषद के अध्यक्ष की कुर्सी बचाने में भाजपा एकबार फिर सफल रही है। भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव जीत लिया है। सांबा में कुल 17 पार्षद हैं। फ्लोर टेस्ट में भाजपा को 11 पार्षदों ने समर्थन दिया है, जबकि छह पार्षद उनके विपक्ष में रहे। इस तरह 11 पार्षदों के समर्थन के साथ पवन कोहली नगर परिषद के अध्यक्ष बने रहेंगे।
भाजपा ने सांबा में कठुआ जैसी स्थिति नहीं बनने दी है। भाजपा नेताओं ने निर्दलीय पार्षदों से अकेले-अकेले में मुलाकात कर उन्हें भाजपा के पवन कोहली के पक्ष में वोट करने को कहा था। कहा जा सकता है कि भाजपा की यह नीति रंग लाई है। गौरतलब है कि सांबा नगर परिषद का कार्यकाल कुछ माह ही शेष रह गया है।
तीसरी बार अध्यक्ष की कुर्सी बचाने में कामयाब हुए पवन कोहली
17 वार्ड वाली नगर परिषद सांबा में तीसरी बार अध्यक्ष पवन कोहली के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। पहले भाजपा के पार्षदों ने ही अपने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इस पर पार्टी हाईकमान ने हस्तक्षेप कर अध्यक्ष की कुर्सी को बचा लिया। दूसरी बार भी भाजपा के ही पार्षद ने निर्दलीय पार्षदों की मदद से अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिस पर अध्यक्ष पवन कोहली ने कोर्ट से स्टे ले लिया था। अब जब कोर्ट ने स्टे निरस्त कर दिया तो अध्यक्ष की कुर्सी को बचाने के लिए भाजपा नेताओं ने जोड़ तोड़ की। और तीसरी बार फिर कुर्सी बचाने में भाजपा नेता कामयाब हुए हैं।