राज्यपाल एनएन वोहरा से पीडीपी और भाजपा प्रदेशाध्यक्षों से मिलने का समय शनिवार को दोपहर साढ़े तीन बजे तय था, लेकिन राजभवन के बाहर पौने चार बजे तक केवल मीडिया कर्मी और सुरक्षा कर्मी ही चहल-कदम कर रहे थे। वक्त गुजरते-गुजरते सायं चार बजे को भी पार कर गया।
तरह-तरह के सवाल उठने लगे। चार बजकर पांच मिनट पर भाजपा विधायक दल के नेता अकेले ही राजभवन के अंदर अपनी गाड़ी पर दाखिल हुए। उनके साथ प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा या अन्य कोई वरिष्ठ नेता नहीं था। पीडीपी के नेता भी साथ नहीं थे।
करीब सवा चार बजे महबूबा अपने दो सांसदों के साथ राजभवन में दाखिल हुईं। राज्यपाल के समक्ष महबूबा ने सरकार बनाने का दावा पेश किया तो भाजपा की तरफ से डा. निर्मल सिंह ने समर्थन पत्र सौंपा। इसके बावजूद प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा के राज्यपाल से मिलने न पहुंचने पर चर्चाओं का दौर गर्म है। पीडीपी के साथ सब कुछ ठीकठाक नहीं होने और मंत्रालयों पर रार को भी कारण माना जा रहा है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा ने हालांकि किसी कारण के चलते राज्यपाल से मिलने की चर्चाओं को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि प्रदेश भाजपा नेताओं की बैठक में केवल डा. निर्मल सिंह का राज्यपाल में समर्थन पत्र लेकर जाना तय हुआ था।