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भाजपा की जीत का असर रियासत में भी: उमर

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हरियाणा और महाराष्ट्र में चुनाव के बाद अगला नंबर जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव का है। दोनों राज्यों में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भाजपा के हौसलें बुलंद है। भाजपा रियासत में भी फगवा लहराना चाहती है।
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इस बारे में रियासत के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि हरियाणा और महाराष्ट्र में भाजपा के शानदार प्रदर्शन का असर रियासती चुनावों पर पड़ेगा। उमर का कहना है कि इस जीत का फर्क तो पड़ेगा लेकिन उतना नहीं जितना भाजपा ने पहले सोचा था।

एक बयान में उमर ने कहा, 'ये स्वभाविक है कि मौजूदा हालात में चुनाव में भाजपा को लाभ मिलेगा लेकिन उतना नहीं जितना पहले सोचा गया था', उमर ने कहा, दोनों राज्यों में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन अभी भी भाजपा अपनी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई है।
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लोकसभा चुनाव के को भाजपा नहीं भुना पाई

उमर ने कहा, अगर आप हरियाणा में भाजपा और महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के नतीजों को लोकसभा चुनाव के नतीजों से कंपेयर करेंगे तो पाएंगे की दोनों पार्टियां लोस के नजीतों को विस चुनाव में भुना नहीं पाईं। उमर ने कहा, हरियाणा में भाजपा आधे से कुछ ज्यादा सीटें ला पाई है और महाराष्ट्र में बिना समर्थन के सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। जबकि भाजपा का दावा था कि वह राज्य में अपने दम पर सरकार बनाएगी।

रियासत में विधानसभा चुनाव टालने का मत रखने वाले उमर ने कहा, चुनाव कराना या न कराना चुनाव आयोग के हाथ में है हमारा इसमें कोई दखल नहीं है। चुनाव आयोग की टीम ने रियासत का दौरा किया है और सभी दलों से बात की है, जल्द ही चुनाव आयोग अपना फैसला सुना देगा। उमर ने कहा, अगर आयोग चुनाव कराने का फैसला लेता है तो लोगों को चुनाव के लिए तैयार रहना होगा।

मैं इस बारे में सरकार की तरफ से कुछ नहीं कह सकता, हालांकि पार्टी की तरफ चुनाव आयोग की अपनी राय दे दी गई है। बता दें कि उमर की पार्टी रियासत में बाढ़ के बाद राहत और पुर्नवास के काम पर ध्यान देना चाहती है इसलिए पार्टी रियासत में चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है।
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