नेशनल कान्फ्रेंस के कार्यकारी प्रधान उमर अब्दुल्ला ने भाजपा और पीडीपी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि दोनों दलों ने वोट बैंक के लिए राजनीति की है। विधानसभा चुनाव में दोनों ही दल एक दूसरे के खिलाफ आग उगलते रहे।
लेकिन बाद में कुर्सी के लिए दोनों ने ही गठबंधन कर दिया। अवाम दोनों दलों की नीतियों को जान चुकी है। इस दौरान नेकां के साथ समाजवादी पार्टी की स्टेट यूनिट ने विलय किया। उमर ने कहा कि भाजपा और आरएसएस पर हमला बोलते हुए कहा कि दोनों ही दल विशेष समुदाय के खिलाफ काम करते रहे हैं।
भाजपा और पीडीपी ने एक रणनीति के तहत चुनावों में वोट पाने के लिए काम किया। दोनों दलों ने जनता से वादे करके उन्हें गुमराह किया है।
चुनाव के दौरान पीडीपी ने घाटी के मुसलिम बहुल इलाकों में भाजपा के खिलाफ बोलकर जनता का समर्थन जुटाया। यह रणनीति भाजपा ने अपने क्षेत्रों में की। लेकिन अब जनता के सामने दोनों का चेहरा साफ हो चुका है।