सप्ताह फिर पखवाड़ा, महीने के बाद अब करीब दूसरा महीना भी बीतने को है, पर जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा के मध्य सरकार गठन पर बात सिरे अभी तक नहीं चढ़ पाई।
हालांकि दोनों पार्टियों ने गठबंधन अभी नहीं तोड़ा है, लेकिन सरकार गठन से पूर्व शर्तें मनाने के दबाव में बात बनने के बजाय बिगड़ती जा रही है।
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रियासत में सियासी परिदृश्य के हिसाब से लोकतांत्रिक सरकार गठन के लिए पीडीपी और भाजपा ही सबसे बेहतर विकल्प है। दोनों पार्टियां भी यह समझती हैं।
बात अटकी है तो शर्तों पर। दरअसल दस माह चली पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल में एजेंडा आफ अलायंस पर काफी सीमित काम हुआ।