पीएम पैकेज के तहत कश्मीर में नौकरी पाने वाले कश्मीरी पंडित राहुल भट की मई महीने में आतंकियों ने हत्या कर दी थी। इसके बाद से पीएम पैकेज के तहत कार्यरत अन्य कश्मीरी पंडित कर्मचारी आंदोलनरत हैं। घाटी में अलग-अलग क्षेत्र में कार्य कर रहे कश्मीरी पंडितों की मांग है कि उन्हें कश्मीर से बाहर स्थानांतरित किया जाए।
शुक्रवार को भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक खबर की क्लिप शेयर करते हुए कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि 90 दिन बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों की मांग को अनसुना किया जा रहा है। साथ ही उनके वेतन रोके जाने के मुद्दे को भी उठाया है।
वरुण गांधी ने ट्वीट किया, 'घाटी में राहुल भट्ट की निर्मम हत्या के बाद से चल रहे कश्मीरी पंडितों के आंदोलन को अब 90 दिन बीत चुके हैं। पंडितों की पीड़ा एवं वेदना समझे बिना उनकी मांगों को अनसुना कर उनका वेतन तक रोक दिया गया है। क्या एक सुरक्षित एवं बेहतर जीवन की अपेक्षा हर भारतीय नागरिक का अधिकार नहीं है?'
घाटी में एक के बाद एक हुई टारगेट किलिंग के बाद कश्मीरी पंडितों ने पहले कश्मीर में तो फिर जम्मू में धरना दिया। इनके प्रदर्शन को करीब 90 दिन पूरे हो चुके हैं और वे अब भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। इसके साथ ही घाटी में कार्यरत अन्य अल्पसंख्यक कर्मी भी कश्मीर से चलकर जम्मू में आंदलोनरत हैं और घाटी से बाहर ट्रांसफर किए जाने की मांग कर रहे हैं।