जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन की कवायद में भाजपा जल्दबाजी दिखाना नहीं चाहती। पीडीपी का रुख जानने के बाद ही वह अपना रुख स्पष्ट करेगी।
राज्यपाल से होने वाली मुलाकात से एक दिन पहले प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह और प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा एवं सांसद जुगल किशोर ने प्रभारी राम माधव से देर रात तक लंबी मंत्रणा की।
भाजपा नेतृत्व इस सियासी माहौल को दोहरे फायदे के रूप में देख रहा है। उसे लगता है कि गठबंधन को बचाए रखने का दबाव पीडीपी पर ज्यादा है।