भाजपा के संगठनात्मक चुनाव का बुधवार को जम्मू और लद्दाख संभाग में बूथ स्तर के अध्यक्षों के चुनाव से आगाज हो गया। पाबंदियों के चलते कश्मीर में संगठनात्मक चुनाव को हालात सामान्य होने तक रोका गया है। संगठनात्मक चुनाव के राज्य प्रभारी सरदार विरेंद्रजीत सिंह के अनुसार 11 सितंबर से 30 सितंबर तक बूथ अध्यक्षों का चुनाव होगा।
एक अक्तूबर से दस अक्तूबर तक आपत्तियां दर्ज होंगी और उनका हल किया जाएगा। इसके बाद 11 अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक मंडल अध्यक्षों का चुनाव होगा। दस दिन आपत्तियां दर्ज होंगी।
11 नवंबर से 30 नवंबर तक जिला अध्यक्षों का चुनाव होगा। इसके बाद तीन दिन का समय आपत्तियों के लिए रहेगा। 31 दिसंबर तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है। ऐसे में 15 अक्तूबर तक प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव करवा लिया जाएगा। उनका कहना है कि बूथ स्तर के चुनाव के परिणाम की सूचना 12 सितंबर से मिलना शुरू हो जाएगी। इसके लिए हर स्तर पर समितियां गठित की गई हैं।
जम्मू-लद्दाख के चुनाव से चुना जाएगा प्रदेशाध्यक्ष
विरेंद्रजीत सिंह के मुताबिक हालात को देखते हुए कश्मीर में फिलहाल चुनाव नहीं करवाए जा रहे हैं। हालात सामान्य होने पर वहां भी संगठनात्मक चुनाव करवा दिए जाएंगे। उनका कहना है कि भाजपा के संगठनात्मक चुनाव के नियमों के तहत पचास फीसदी जिलों में चुनाव होने पर प्रदेशाध्यक्ष को चुना जा सकता है। ऐसे में भाजपा संगठन के अनुसार जम्मू संभाग में 17 जिले और लद्दाख संभाग में दो। कश्मीर में दस जिले हैं। कुल मिलाकर अगर जम्मू व लद्दाख में चुनाव हो जाता है तो 19 जिलों में चुनाव हो जाएगा और प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा।