नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के साथ देश के अन्य हिस्सों में भाजपा सियासी अस्थिरता पैदा कर रही है।
रियासत को धर्म और डिवीजन के नाम पर बांटने की कोशिशें की जा रही हैं। अनुच्छेद 35-ए पर राज्य के लोगों को गुमराह किया जा रहा है।
राजनीतिक नफरत और असहिष्णुता देश के लिए खतरा है। शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू में पार्टी के एक दिवसीय अधिवेशन में राणा ने भाजपा पर वार किए।
उन्होंने कहा कि आज देश में जम्मू-कश्मीर के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली राजनीति अस्थिरता से जूझ रहे हैं।
देश में दादरी, फरीदाबाद और उधमपुर जैसी घटनाओं से सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया गया है। केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के दलितों पर विवादास्पद बयानों से भाजपा का चेहरा जगजाहिर हुआ है।
शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के समय धर्मनिरपेक्षता को कायम रखा गया था। अनुच्छेद 35-ए जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान होने के साथ हिंदू, मुसलिम, सिख, क्रिश्चियन, बौद्ध समुदाय के अधिकारों की रक्षा करता है।
उन्होंने यूथ नेशनल कान्फ्रेंस के नए पदाधिकारियों को मुबारकबाद देते हुए उनसे पार्टी को मजबूत बनाने की उम्मीद जताई।
इस दौरान पार्टी नेता अजय सडोत्रा ने कहा कि भाजपा की एनडीए सरकार देश में जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाई है। पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया ने कहा कि रियासत की जनता गंभीर परिस्थितियों से जूझ रही है।
इस मौके पर रियाज मलिक, खालिद जहांगीर, डा. नील जान अरोड़ा, जय दीप आदि मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में किन्हीं कारणों से पार्टी प्रधान उमर अब्दुल्ला नहीं पहुंच सके।