फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीर फतह के लिए भाजपा ने बनाई नई रणनीति

विज्ञापन
विज्ञापन
पीडीपी के साथ गठबंधन कर भाजपा ने पहली बार जम्मू कश्मीर की सत्ता में भागीदारी हासिल कर ली और अब मिशन कश्मीर के अगले चरण में संगठनात्मक आधार बढ़ाने पर जोर है। भाजपा ने कश्मीर संभाग में संगठनात्मक ढांचा मजबूत करने की कार्ययोजना पर अमल शुरू कर दिया है।
विज्ञापन


मुहिम के पहले चरण में भाजपा को घाटी में ढाई लाख से अधिक नए सदस्य बनाने में कामयाबी मिल गई है। भाजपा कश्मीर घाटी में अपनी स्वीकार्यता बढ़ाना चाहती है और इसमें उसे सफलता भी मिलने लगी है।

भाजपा के रियासत संगठन मंत्री अशोक कौल का कहना है कि अगले साल तक कश्मीर के हर कस्बे में भाजपा की पहुंच होगी। इस कार्ययोजना पर काम चल रहा है। शुरुआती प्रयासों में अच्छा रिस्पांस मिला है। जम्मू कश्मीर में भाजपा ने कुल 8.80 लाख नए सदस्य बनाए।
विज्ञापन


इनमें से केवल जम्मू में छह लाख सदस्य हैं। कश्मीर संभाग में ढाई लाख सदस्य बने हैं। लद्दाख में यह संख्या 30 हजार है। सदस्यता महज आंकड़ों तक ही सीमित नहीं रह जाए, इसके लिए संगठन स्तर पर कार्यक्रम तय किए गए हैं।
विज्ञापन

कश्मीर संभाग में नए सिरे से बन रहा संगठन का ढांचा

कश्मीर में हर नए सदस्य के साथ पार्टी के नेताओं का संपर्क होगा। यह अभियान जम्मू और लद्दाख में भी चलेगा। जनसंपर्क अभियान की शुरुआत जम्मू में केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह करेंगे। फिर इस मुहिम को कश्मीर में भी चलाया जाएगा।

कश्मीर में नए सदस्यों में से सक्रिय लोगों को अलग से ट्रेनिंग दी जाएगी। अगस्त तक सदस्यों से संपर्क अभियान चलने वाला है। उसके बाद सितंबर से नवंबर तक तीन महीने सक्रिय सदस्यों को ट्रेनिंग देकर उन्हें पार्टी में अहम जिम्मेदारी दी जाएगी।

इस तरह दिसंबर में कश्मीर में हर जिले और तहसील में भाजपा की नई इकाइयां होंगी, जिसमें प्रशिक्षण प्राप्त कश्मीरी सदस्य पदाधिकारी होंगे। घाटी में लोगों का भाजपा के प्रति रुझान बढ़ा है। कश्मीरी महसूस करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं लेकिन इसमें कश्मीरी दल ही अधिक बाधक हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को कश्मीर से एक भी सीट नहीं मिली थी। जम्मू में 25 सीटें हासिल करने के बावजूद भाजपा अपने बूते सरकार नहीं बना सकी। लिहाजा अगले चुनाव के लिए कश्मीर मोर्चा मजबूत किया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें