लेह स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद चुनाव में कांग्रेस और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर है। लेह की एक मात्र संसदीय सीट से भाजपा के सांसद होने के चलते पार्टी ने इस बार चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद जुगल किशोर शर्मा, उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह समेत कई मंत्री, विधायक और भाजपा के संगठन नेता चुनाव प्रचार में जुटे है।
वहीं, विधानसभा चुनाव में लेह की सभी सीटों पर कब्जा करने वाली कांग्रेस अब तक तीन बार लेह परिषद का गठन कर चुकी हैं और इस बार का चुनाव उसकी प्रतिष्ठा का सवाल भी है।
17 अक्तूबर को लेह परिषद की 26 सीटों के लिए मतदान होना है। 15 अक्तूबर को सायं चार बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा। इसको देखते हुए सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में कोई कमी छोड़ना नहीं चाहती।
पीडीपी व नेकां के उम्मीदवार भी मैदान पर है लेकिन मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के मध्य ही दिख रहा है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने कुल 26 सीटों में से 21 पर बाजी मारी थी। चार सीटें भाजपा को मिली थी।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा का कहना हैं कि इस बार लेह में भाजपा की लहर है और चुनाव जीत भाजपा लेह स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद का गठन करेगी।
वहीं कांग्रेस की तरफ चुनाव प्रचार की डोर कांग्रेस विधायक दल के नेता एवं लेह से कांग्रेस के प्रमुख नेता नवांग रिगझिन जोरा के कंधों पर है।
पूर्व मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस उपप्रधान रमण भल्ला का कहना हैं कि लेह परिषद चुनाव में भाजपा पीडीपी गठबंधन सरकार की पोल खुल जाएंगी और कांग्रेस इस बार भी परिषद का गठन करेगी।
भाजपा के लेह परिषद चुनाव के सह प्रभारी एवं महासचिव मुनीश शर्मा का कहना
हैं कि प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद जुगल किशोर शर्मा के अलावा उपमुख्यमंत्री
डा. निर्मल सिंह, पीएचई, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री चौधरी सुखनंदन
कुमार, शिक्षा राज्य मंत्री प्रिया सेठी, सांसद थुप्सन छिवांग, सहकारिता
मंत्री शेरिंग डोरजे समेत कई विधायक व भाजपा नेता चुनाव प्रचार में जुटे
हुए है।