नए साल में आतंक से निपटना बड़ी चुनौती
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2016 में उड़ी और नगरोटा हमलों के बाद आतंकवाद से निपटना नए साल की सबसे बड़ी चुनौती होगी। इन हमलों में आतंकियों के हमलों में इस्तेमाल की गई नई तकनीक का सुरक्षा एजेंसियों को तोड़ निकालना होगा। यह भी अहम है कि आतंकियों के स्लीपर सेल के मजबूत होते किले को भी नेस्तनाबूद करना होगा।
उड़ी हमले में आतंकी सीढ़ियों का इस्तेमाल कर सैन्य कैंप में घुसे। केमिकल का इस्तेमाल किया गया। आतंकी बोट का सहारा लेकर कैंप तक पहुंचे। आतंकी विदेशी वायरलेस का इस्तेमाल कर रहे हैं। जीपीएस का इस्तेमाल किया जा रहा है। नगरोटा हमले में पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल किया गया।
सांबा हमले में पहली बार रैट होल खोद कर घुसपैठ करने के बाद हमला किया गया। आतंकी अपने साथ हमले के लिए कई आधुनिक सामान लेकर आए थे। यह तमाम तथ्य हैं, जो आतंकियों के हमला करने की रणनीति बयां करते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि हमलों के लिए वे नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे निपटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है।