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जम्मू-कश्मीरः शहरी आवास योजना के लाभार्थियों बड़ी सौगात, दो लाख रुपये का ब्याज रहित लोन

Mon, 15 Mar 2021 04:05 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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उप राज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : @manojsinha_
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शहरी क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बड़ी सौगात दी है। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद ने आवास योजना के लाभार्थियों को दो लाख का ब्याज रहित लोन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

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प्रदेश में इस योजना के 41992 लाभार्थी परिवारों को ब्याज रहित लोन की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में लाभार्थी परिवाराें को केंद्रीय योजना के तहत 1.66 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। दो लाख के लोन समेत लाभार्थी को सरकार से अब कुल 3.66 लाख रुपये मिलेंगे। दो लाख का ऋण जारी होने के छह माह बाद से किस्त में राशि लौटानी होगी। किस्त की राशि 2500 रुपये प्रतिमाह तय की गई है, जो अधिकतम दस साल तक देनी होगी। 

प्रशासनिक परिषद के पास लाए गए आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रस्ताव में लाभार्थी परिवारों की मांग का उल्लेख किया गया था। पीएम आवास योजना के तहत 1.66 लाख रुपये की राशि से ज्यादातर लोगों के घर मुकम्मल नहीं हो पा रहे थे। वर्ष 2022 तक हर परिवार को घर का अभियान पूरा करने का लक्ष्य है। लाभार्थियों ने अतिरिक्त राशि की मदद मांगी थी, जिसे विभाग ने प्रस्ताव में शामिल किया। अब लाभार्थी परिवाराें को बेनिफिशरी लेड कंस्ट्रक्शन (बीएलसी) प्रावधान के तहत दो लाख का ब्याज रहित लोन देगी। लोन की राशि आवास एवं शहरी विकास विभाग की ओर से जारी की जाएगी।

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इन स्कूलों में 119 पदों के सृजन को मिली मंजूरी

प्रशासनिक परिषद की बैठक में जम्मू-कश्मीर के छह एएनएम, चार जीएनएम और पांच नर्सिंग कालेजों में 119 पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की गई हैं। इस संबंध में प्रशासनिक परिषद ने स्वास्थ्य एवं  चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी। छह एनएएम स्कूल भद्रवाह, बिलावर, थन्नामंडी, सुरनकोट, अनंतनाग और कोकरनाग में शामिल हैं। वहीं, चार जीएनएम स्कूल डोडा, कठुआ, राजोरी और गांदरबल में हैं। अकादमिक और प्रशासनिक स्तर के पदों को मंजूरी मिलने से पैरा मेडिकल शिक्षा के संस्थानों में स्टाफ की कमी दूर होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
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