बुधवार को कटड़ा और आसपास के इलाकों में धूप खिली रही, हालांकि त्रिकुटा पर्वत पर बादल छाने के कारण हेलिकॉप्टर सेवा बीच-बीच में प्रभावित हुई।
इसके बावजूद यात्रा के अन्य सभी प्रमुख मार्ग खुले रहे और घोड़ा, पिट्ठू, पालकी जैसी सेवाएं भी लगातार मिलती रहीं। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 16 हजार से 21 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। बुधवार शाम पांच बजे तक करीब 15 हजार और मंगलवार को लगभग 20 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में हाजिरी लगाई।
बरसात के मौसम को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर श्राइन बोर्ड का आपदा प्रबंधन दल, प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ के जवान हर स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं ताकि देश भर से आने वाले भक्त सुरक्षित और सुगम तरीके से मां वैष्णो देवी के दर्शन कर सकें।