बस्सी कलां का प्राइमरी स्कूल पहले ही साथ लगते तालाब की समस्या से जूझ रहा है। यहां हर समय गंदगी का आलम रहता है। बरसात में तालाब ओवरफ्लो हो जाता है और पानी कक्षाओं में घुस जाता है। स्कूल को पास ही स्थित मंदिर में शिफ्ट करना पड़ता है। तालाब में उगी झाड़ियों से सांप, बिच्छू और जहरीले कीड़े मकौड़ों का डर बना रहता है।
कोट टांडा प्राइमरी स्कूल की इमारत नहीं होने के कारण बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ना पड़ता था। इसके मद्देनजर इस स्कूल को बस्सी कलां प्राइमरी स्कूल में स्थानांतरित किया गया। पांच साल से स्कूल यहीं चल रहा है। अब बस इंतजार है कि टांडा प्राइमरी स्कूल की इमारत जल्द से जल्द तैयार हो जाए। -विनय सिंह, इंचार्ज टांडा प्राइमरी स्कूल
कोट टांडा प्राइमरी स्कूल की इमारत न होने के चलते इस स्कूल को बस्सी कलां के प्राइमरी स्कूल में स्थानांतरित किया गया है। टांडा में जगह न मिलने से इमारत नहीं बनाई जा सकी। स्कूल की इमारत के लिए फंड मंजूर हो चुका है। जल्द ही इमारत का प्रबंध किया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। -गोपाल खजूरिया, जोनल शिक्षा अधिकारी