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जम्मू-कश्मीर: सुपर स्पेशियलिटी रेशमघर में अब रक्त के लिए जद्दोजहद होगी खत्म

Sun, 14 Mar 2021 02:25 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
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जम्मू में रेशमघर स्थित एम्स की तर्ज पर स्थापित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के मरीजों को रक्त के लिए जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी। अस्पताल में ब्लड बैंक तैयार किया जा रहा है। मौजूदा अस्पताल में ब्लड स्टोरेज से काम चलाया जा रहा है। यहां रक्त के लिए मरीजों और तीमारदारों को जीएमसी व एसएमजीएस के ब्लड बैंकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसी तरह सरवाल अस्पताल में भी चरणबद्ध तरीके से ब्लड बैंक विकसित करने पर काम किया जा रहा है।

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जीएमसी से कई विभागों को जुलाई, 2013 में रेशमघर स्थित एम्स की तर्ज पर निर्माणाधीन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। इसमें नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, सीटीवीएस, कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी यूनिटों में ओपीडी के अलावा मरीजों का इंडोर वार्ड में इलाज किया जा रहा है। इसमें यूरोलॉजी, न्यूरो, कार्डियो, सीटीवीएस में सर्जरी की जा रही है। नेफ्रोलॉजी यूनिट में डायलिसिस के लिए मरीजों को नियमित खून की जरूरत पड़ती है, लेकिन खून के लिए अस्पताल में स्टोरेज सेंटर ही स्थापित है।

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इसमें कुछ यूनिट ही खून रिजर्व रखा जाता है। इससे अधिकतर मरीजों को खून, पैक सेल आदि के लिए जीएमसी और एसएमजीएस के ब्लड बैंक पर निर्भर रहना पड़ रहा है। जीएमसी और एसएमजीएस अस्पताल में भी कुछ यूनिट ही निगेटिव खून रिजर्व रहता है, जिससे अधिकांश मामलों में मरीज को अपने परिवार या रिश्तेदार से खून लेना पड़ता है।

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के पहले फ्लोर पर बायो केमिस्ट्री लेबोरेटरी शिफ्ट की रही है। इसी लैब को ब्लड स्टोरेज यूनिट के साथ जोड़कर पूरी तरह से ब्लड बैंक स्थापित किया जाएगा। बायो केमिस्ट्री लेबोरेटरी को पैथोलॉजी यूनिट में शिफ्ट किया जाएगा और पैथोलॉजी यूनिट पहले ही वेटिंग हॉल क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया गया है।

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण शर्मा का कहना है कि अस्पताल में ब्लड बैंक के लिए मार्च के अंत तक सिविल कार्य पूरे कर लिए जाएंगे, जिसके बाद ब्लड बैंक की लाइसेंस प्रक्रिया पर काम किया जाएगा।
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