आखिरकार पाकिस्तान ने शनिवार को स्वीकार कर ही लिया कि भारत में उसके उच्चायुक्त अब्दुल बासित का कश्मीरी अलगाववादी हुर्रियत नेताओं से मुलाकात का वक्त गलत था।
बासित ने भारत-पाक विदेश सचिव स्तरीय वार्ता से ठीक पहले हुर्रियत नेताओं से मुलाकात की थी, जिसके बाद भारत ने विरोध जताते हुए वार्ता रद्द कर दी थी।
यह वार्ता 25 अगस्त को इस्लामाबाद में होनी थी। पाक ने तर्क दिया था कि उसके राजनयिकों और हुर्रियत नेताओं के बीच पिछले 30 साल से नियमित मुलाकात होती रही है और इसमें कुछ भी नहीं था।