कोरोना के खिलाफ जंग में गांव वालों ने बनाई सेना
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कोरोना वायरस पर रोकथाम लगाने में जुटे सरकारी अमले के साथ आम लोग भी युद्धस्तर पर जुट गए हैं। शहर से सटे नगरोटा ब्लॉक की खानपुर पंचायत में नायब सरपंच समेत 31 युवाओं की टीम बनाई गई है। इस टीम को कोरोना सेना नाम दिया है। 31 जवानों की यह सेना पंचायत की खानपुर और सिथनी बस्तियों के प्रवेश द्वार पर पहरा दे रही है। बाकायदा कंटीले तार लगा दिए गए हैं। पंचायत की 10 हजार की आबादी को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए युवाओं की सेना दिन रात डटी हुई है।
खानपुर पंचायत के नायब सरपंच मोहम्मद अमीन ने बताया कि पंचायत में दस हजार की आबादी है। यहां कोरोना संक्रमण फैला तो उसे रोकना मुश्किल हो जाएगा। देर करने से बेहतर लगा कि पहले से ही रोकथाम के हर मुमकिन कदम उठा लिए जाएं।
पिछले 16 दिन से पंचायत की कोरोना सेना दिन-रात पहरेदारी कर रही है। पंचायत क्षेत्र में किसी भी अज्ञात के प्रवेश पर रोक है। यहां से बाहर जाने पर भी पूरी तरह से पाबंदी है। बहुत जरूरी काम होने पर सरपंच, नायब सरपंच और अन्य पंचों के साथ संपर्क करने के लिए कहा गया है। मोहम्मद अमीन ने बताया कि इस व्यवस्था को चलाने में गांव वाले भी पूरा सहयोग कर रहे हैं। दूसरी पंचायतें भी अपने स्तर पर अपने क्षेत्र का कोरोना संक्रमण से इस तरह बचाव कर सकती हैं।
पुलिस ने मुहैया करवाए कंटीले तार
नायब सरपंच ने कहा कि जैसे ही जम्मू में कोरोना संक्रमित व्यक्ति का पता चला था तो उन्होंने पुलिस से बात करके गांव को सील करने के लिए तार की मांग की। इसके बाद पुलिस ने पंचायत की ‘कोरोना सेना’ को कंटीले तार मुहैया करवा दिए। इन तारों से पंचायत के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए। पंचायत के युवाओं ने तारबंदी का काम किया। पुलिस व प्रशासन की ओर से पंचायत को मास्क व अन्य जरूरी सामान भी मुहैया करवाया गया है।