सांबा बार एसोसिएशन के सदस्य प्रदशर्न करते हुए
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सांबा। बार एसोसिएशन की हड़ताल बुधवार को छठे दिन भी जारी रही। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता है, हड़ताल जारी रहेगी। केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर में भूमि रजिस्ट्री का काम राजस्व विभाग को सौंपने के विरोध में बार एसोसिएशन के सदस्यों का विरोध प्रदर्शन कोर्ट परिसर में जारी रहा। वकीलों की मांग है कि राज्य सरकार के नए कानून के तहत राजस्व विभाग को सौंपा गया रजिस्ट्रेशन का कामकाज वापिस कोर्ट को सौंपा जाए अन्यथा वह आंदोलन छेड़ने पर मजबूर हो जाएंगे।
बार एसोसिएशन के प्रधान सुभाष सिंह ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद कोर्ट के बहुत सारे काम-काज प्रभावित हुए हैं, जिससे वकीलों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री करने का अधिकार कोर्ट से खत्म कर राजस्व विभाग को सौंप दिया है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वकीलों ने एक स्वर में कहा कि इस संबंध में सरकार को लगातार पहले दिन से चेता रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। इस कारण उन्हें मजबूर होकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में लोगों के कार्य नहीं होते और वहां पर भ्रष्टाचार का बोलबाला है और अब सरकार ने सभी अधिकार राजस्व विभाग को दिया है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। बार एसोसिएशन इसे सहन नहीं करेगी। उन्होंने देश के चीफ जस्टिस तथा उप राज्यपाल से अपील की है कि वह मामले में हस्तक्षेप करते हुए कोर्ट को सभी अधिकार दें जो पहले उनके पास थे।
इस अवसर पर एसोसिएशन के उपप्रधान राकेश कुमार, राजीव गुप्ता, रेनू, केडी सिंह, राहुल संब्याल, मोहिंदर सिंह चाढ़क, रविंदर शर्मा, सतीश दत्ता सहित एसोसिएशन के कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।