जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर बनिहाल के पास पुलवामा दोहराने की कोशिश में सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। सेंट्रो कार चालक को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसकी सीआरपीएफ की कानवाई के बस से टक्कर के बाद धमाका हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों ने कार चालक हिजबुल के आतंकी को आठ दिन की रिमांड पर ले लिया है। माना जा रहा है कि पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। शनिवार को बनिहाल के पास घटना के बाद कार चालक फरार हो गया था।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों ने रामबन इलाके से ओवैस अहमद अमीन को गिरफ्तार किया है। हालांकि, नाम के बारे में अभी जांच एजेंसियों की ओर से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। हालांकि, यह पता चला है कि पकड़े जाने के बाद प्रारंभिक पूछताछ में ओवैस ने यह स्वीकार कर लिया है कि वह ही गाड़ी चला रहा था। यह भी पता चला है कि बनिहाल के पास उसे किसी अन्य शख्स ने कार की चाभी सौंपी है। वह गाड़ी चलाकर वहां तक नहीं पहुंचा था।
घटना के बाद मौके पर तलाशी के दौरान पाया गया कि कार में दो गैस सिलिंडर थे, जिनमें से एक पांच किलो वाला ही फटा था। दूसरा 19 किलो का सिलिंडर सुरक्षित था। इसके साथ ही पेट्रोल भरी बोतलें, जिलेटिन राड, यूरिया तथा सल्फर भी मिला था। इन सब का इस्तेमाल आईईडी बनाने में इस्तेमाल होता है।
हाईवे पर जिस जगह कार में धमाका हुआ था वहां से एक पत्र भी बरामद किया गया था। पत्र में कलमा के बाद लिखा गया था कि मैं हिजबुल मुजाहिदीन जम्मू-कश्मीर का एक मुजाहिद हूं। नाम ओवैस अमीन है। सोशल मीडिया के माध्यम से चंद बातें शेयर करना चाहता हूं। उम्मीद है कि आप मेरी इन बातों को ध्यान में रखेंगे।
दुआ करें कि जिस वक्त यह पैगाम आप तक पहुंचेगा वह उस वक्त तक जन्नत की मजे लूट रहा होगा। पत्र में उसने कश्मीरियों के साथ की जा रही ज्यादतियों का भी हवाला दिया है। माना जा रहा है कि पुलवामा हमले की तरह वीडियो बनाने के लिए यह स्क्रिप्ट तैयार किया गया होगा, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।