जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में बुधवार सुबह से ही बादल फटने से कई बड़े हादसे होने की खबर आ रही है। वहीं तीसरी घटना उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के अलोसा अष्टांगू क्षेत्र की है। जहां के ऊपरी इलाके में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। गांवों के पैदल जाने के लिए रास्ते पर बना पुल पूरी तरह से बह गया है, साथ ही कृषि और बागवानी क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। वहीं क्षेत्र में फसलें भी पूरी तरह से तबाह हो गई हैं।
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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुबह 4.30 बजे बादल फटने के बाद बाढ़ आ गई। जिसमें हुंजर गांव के छह घर और एक राशन स्टोर बह गए। इसमें करीब 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं। अभी तक छह लोगों के शव निकाल लिए गए हैं और 12 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। जिला उपायुक्त किश्तवाड़ अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पांच शव निकाले जा चुके हैं। सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की ओर से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
किश्तवाड़ से एसडीआरएफ की टीम मौके पर है, जबकि जम्मू, उधमपुर और श्रीनगर से टीमों को घटनास्थल तक एयरलिफ्ट करने के लिए मौसम बाधा बना हुआ है। जिला उपायुक्त के अनुसार हुंजर के अलावा लंबार्ड क्षेत्र में दो और बादल फटे हैं। होमगार्ड, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ के पुलिस महानिदेशक वीके सिंह ने कहा कि 60 परिवारों को घर खाली करवाकर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
रेस्क्यू टीमें मौके पर हैं, जबकि कई अन्य टीमों को भी रेस्क्यू ऑपरेशन स्थल तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, नदियों और नालों में जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है, जो नदियों, नालों, जल निकायों और स्लाइड-प्रवण क्षेत्रों के पास रहने वाले निवासियों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।