दूसरे राज्यों से आने वाला खुला (बिना पैकिंग वाला) पनीर अब प्रदेश में नहीं बिक सकेगा। मिलावटी पनीर की बढ़ती शिकायतों के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। दिवाली के आसपास लिए गए पनीर के 52 नमूनों में से 30 की जांच में वनस्पति तेल का इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि हुई।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार वही पनीर बिक सकेगा जिसमें दूध का वसा यानी मिल्क फैट हो। पनीर के भंडारण के लिए विक्रेता को शून्य से चार डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान मेंटेन रखना होगा।
खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत लैक्टिक अम्ल, साइट्रिक अम्ल, मैलिक अम्ल, सिरका, खमीर बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले ग्लूकोनो डेल्टा लैक्टोन या खट्टे मट्ठा के इस्तेमाल से बना पनीर नहीं बिकेगा।
अब यह भी करना होगा
पनीर निर्माता के लिए वितरक या डीलर को अलग से बिल, कैश मेमो या प्रपत्र-ई में वारंटी (खाद्य गुणवत्ता की गारंटी) देने की शर्त भी रखी गई है। पनीर खरीदते समय ग्राहकों को यह बिल लेना होगा। इससे सैंपल फेल होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।