सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनधारकों का महंगाई भत्ता तीन फीसदी बढ़ा दिया है। नई दर एक जुलाई से लागू होंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 'मूल वेतन' का अर्थ सातवें वेतन आयोग की वेतन संरचना में निर्धारित स्तर के अनुसार मिलने वाला वेतन है, जिसमें विशेष वेतन जैसी कोई अतिरिक्त राशि शामिल नहीं होगी।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनधारकों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में तीन फीसदी की बढ़ोतरी की है। अब सरकारी कर्मचारियों को उनके मूल वेतन पर और पेंशनधारकों को मूल पेंशन पर 55 फीसदी की जगह 58 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
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यह संशोधित दरें एक जुलाई 2025 से प्रभावी होंगी। प्रदेश सरकार के कर्मचारियों की संख्या 5.10 लाख के करीब है और पेंशनधारकों की संख्या लगभग 2.40 लाख है। वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2025 तक के एरियर का नकद भुगतान अक्तूबर महीने में किया जाएगा।
अक्तूबर से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता नियमित वेतन और पेंशन में जोड़ा जाएगा। यह आदेश सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों और उसी के अनुरूप पेंशन पा रहे सेवानिवृत्त कर्मियों पर लागू होगा।
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विभाग ने स्पष्ट किया है कि 'मूल वेतन' का अर्थ सातवें वेतन आयोग की वेतन संरचना में निर्धारित स्तर के अनुसार मिलने वाला वेतन है, जिसमें विशेष वेतन जैसी कोई अतिरिक्त राशि शामिल नहीं होगी।
यह फैसला 15 अक्तूबर, 2025 को हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में लिया गया था। सरकार के अनुसार महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी महंगाई के दबाव को देखते हुए कर्मचारियों और पेंशनधारकों को राहत देने के उद्देश्य से की गई है।
छठे वेतन आयोग वाले कर्मियों और पेंशनधारकों के लिए भी आदेश जारी
छठे वेतन आयोग वाले कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए भी आदेश जारी वित्त विभाग ने उन कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए भी अलग आदेश जारी किया है जो अब भी छठे वेतन आयोग के अनुसार वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।
आदेश के अनुसार, ऐसे सरकारी कर्मचारियों को अब मूल वेतन पर 252 फीसदी की जगह 257 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जाएगा। वहीं, पेंशनधारकों और पारिवारिक पेंशन पाने वालों को भी मूल पेंशन पर 257 फीसदी डीए मिलेगा। यह संशोधित दरें भी एक जुलाई 2025 से लागू होंगी और जुलाई से सितंबर तक का एरियर अक्तूबर महीने में नकद रूप में दिया जाएगा।
8वां वेतन आयोग गठित, प्रदेश के साढ़े सात लाख कर्मियों व पेंशनरों को भी मिलेगी राहत
केंद्र सरकार ने मंगलवार को आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन धारकों को राहत मिलेगी। आयोग की रिपोर्ट 18 महीने में आने की संभावना है और इसे एक जनवरी 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों पर लागू किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के करीब 5.10 लाख सरकारी कर्मचारी और लगभग 2.40 लाख पेंशन धारक भी इस फैसले से लाभ मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। केंद्र से अधिसूचना जारी होने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन इसकी प्रक्रिया शुरू करेगा।
इसके तहत आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्य कर्मचारियों के वेतन और पेंशन ढांचे की समीक्षा की जाएगी। वित्त विभाग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, आयोग की अनुशंसा पहले केंद्रीय सेवाओं में लागू होगी। इसके बाद केंद्र शासित प्रदेशों और राज्य सरकारों में इसे लागू करने की प्रक्रिया चलेगी।
जम्मू-कश्मीर में भी यह तभी लागू होगा जब केंद्र से अधिसूचना आने के बाद प्रशासनिक परिषद (कैबिनेट) मंजूरी देगी। नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन जम्मू शाखा अध्यक्ष हरपाल सिंह ने कहा कि आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन और यूनियन ने लगातार संघर्ष किया।
19 सितंबर को देशभर में फेडरेशन की यूनियनों ने प्रदर्शन कर आयोग के गठन की मांग उठाई थी। वह इस फैसले का स्वागत करते हैं। वहीं एनपीएस कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रफीक मलिक ने भी सरकार के इस पर खुशी जताते हुए इसका स्वागत किया। इसके साथ ही मलिक ने कहा कि आयोग को रिपोर्ट तैयार करने के लिए दिया गया 18 महीने का समय ज्यादा है। यह कम होना चाहिए।