रियासत में बाढ़ के बाद उत्पन्न हुई स्थिति को देखते हुए घरेलू मैदानों पर रणजी ट्राफी मुकाबलों की मेजबानी पर तलवार लटक गई है। बीसीसीआई इन मुकाबलों को मोहाली, पंजाब में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। हर साल जम्मू और श्रीनगर के मैदानों पर रणजी ट्राफी सहित अन्य दूसरी राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट चैंपियनशिप के कई मुकाबले आयोजित किए जाते रहे हैं।
जिसमें स्थानीय क्रिकेटरों को घरेलू मैदानों पर बेहतर प्रदर्शन करने में लाभ मिलता रहा है। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के महासचिव एमएल नेहरू का कहना है कि बीसीसीआई की ओर से अभी ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है। आगामी 26 सितंबर को हो रही बीसीसीआई की बैठक में फैसला लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल रणजी ट्राफी में गोवा, आंध्र प्रदेश, केरल आदि को पछाड़कर जेएंडके की टीम ने क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचा था। क्वार्टर फाइनल में उसे पंजाब से हार देखनी पड़ी थी। रियासत के क्रिकेट इतिहास में यह पहला मौका था जब राज्य टीम इस मुकाम तक पहुंच पाई थी।
इसमें कई मुकाबलों में राज्य टीम ने घरेलू मैदानों पर जीत दर्ज की थी। राज्य टीम के कप्तान रहे परवेज रसूल ने कहा कि अगर रणजी ट्राफी के मुकाबलों को राज्य से शिफ्ट किया जाता है तो यह हमारे लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। यह मुकाबले जम्मू के मैदान पर आयोजित किए जाते रहे हैं और वहां हालात सामान्य हैं।
कश्मीर में वैसे ही दिसंबर में सर्दी अधिक होने के कारण अधिकांश रणजी के मुकाबले नहीं होते हैं। अगर रणजी ट्राफी के मुकाबले दूसरी जगह शिफ्ट होते हैं तो राज्य के क्रिकेटरों को होम ग्राउंड का कोई लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्हें बाहर सीधे दूसरे मैदानों पर उतरकर अपना प्रदर्शन करना होगा। घरेलू मैदान पर उन्हें बल्लेबाजी, क्षेत्ररक्षण और गेंदबाजी में काफी मदद मिलती रही है लेकिन बाहरी पिचों पर ऐसी स्थिति नहीं होगी।