इस साल कोविड महामारी के कारण भले ही भौतिक तौर पर लाखों शिवभक्तों को पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त नहीं हो पाया, लेकिन यात्रा संपन्न होने के बाद भी उन्हें पवित्र अमरनाथजी के दर्शन करने का मौका मिलेगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने भक्तों के लिए अपनी ऑनलाइन प्रसाद सेवा को जारी रखने का फैसला किया है। इसमें डाक विभाग 48 घंटे के भीतर भक्त के घर पर प्रसाद पहुंचाएगा।
प्रसाद की ऑनलाइन बुकिंग हो जाने पर श्राइन बोर्ड की ओर से भक्त के लिए मोबाइल नंबर, ईं-मेल आईडी पर लिंक और तारीख/समय के लिए सूचित किया जाएगा। श्राइन बोर्ड ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर इसकी जानकारी साझा की है। कोरोना महामारी के कारण अमरनाथ यात्रा के रद्द होने पर श्राइन बोर्ड की ओर से गत 6 जुलाई को भक्तों के लिए वर्चुअल मोड के तहत दर्शन, हवन और आनलाइन प्रसाद बुकिंग सेवाओं को शुरू किया गया था।
इसका उद्देश्य लाखों भक्तों की धार्मिक भावनाओं को सम्मान करते हुए यात्रा के अंत तक उन्हें घर बैठे ही आनलाइन सेवाएं देना था। लेकिन यात्रा संपन्न होने के बाद भी बोर्ड भक्तों के लिए अभी अपनी आनलाइन प्रसाद सेवा को जारी रखेगा। बोर्ड ने प्रसाद बुकिंग के लिए 2100 रुपये (10 ग्राम अमरनाथ जी के चांदी के सिक्के के साथ) की दरें तय की थीं। इसके साथ वर्चुअल पूजा और विशेष पूजा के लिए अलग से दरें थीं।
यात्रा के लिए गत 23 अप्रैल तक 33 हजार से अधिक यात्रियों ने अग्रिम पंजीकरण करवा लिया था। लेकिन कोविड महामारी के कारण बीच में ही पंजीकरण प्रक्रिया को रोक दिया गया था। इस साल यात्रा के आखिरी तक हिमलिंग सांकेतिक तौर पर पवित्र गुफा में विराजमान रहे। यह पिछले कई सालों बाद हुआ है। यात्रा रद्द होने के बाद श्राइन बोर्ड की ओर से यात्रा से जुड़ी सभी पारंपरिक आध्यात्मिक गतिविधियां की गईं।
आगामी यात्राओं में बुनियादी ढांचा विकसित होगा
पिछले तीन साल से कोविड महामारी और अन्य परिस्थितियों के कारण अमरनाथ यात्रा प्रभावित होती रही है। लेकिन आगामी यात्राओं में शिवभक्तों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं देने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है। हाल ही में राजस्व विभाग ने श्राइन बोर्ड को श्रीनगर के पंथा चौक पर 25 कनाल भूमि को हस्तांरित किया है, जिस पर यात्री निवास और बोर्ड कार्यालय का निर्माणकिया जा रहा है। इसी तरह रामबन और जम्मू में भी यात्री निवास का विस्तार किया जा रहा है। आगामी यात्राओं में यात्रा रूट पर रोपवे की संभावनाओं को भी तलाशा जा रहा है। इन बुनियादी सुविधाओं से बोर्ड आगामी यात्राओं में प्रतिवर्ष दस लाख यात्रा के यात्री आंकड़े के लक्ष्य को पाने पर काम कर रहा है।